Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिका के साथ मिलकर ईरान को हमले की धमकी दे रहे इजरायल ने लेबनान पर हवाई हमला किया है। हिज्बुल्लाह के एक कमांड सेंटर को तबाह करने के बाद इजरायल ने कहा कि यह आतंकवादी हमले की प्लानिंग बना रहे थे। इसलिए इन्हें मार डाला गया।
मध्य-पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनातनी में इजरायल लगातार तेहरान पर हमले की धमकी देता रहा है। इन धमकियों के बीच ही नेतन्याहू की सेना ने शनिवार को लेबनान पर हवाई हमला बोल दिया। हिज्बुल्लाह की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक इजरायल की तरफ से किए गए इन खतरनाक हमलों में कई इमारतें तबाह हो गई हैं, जबकि करीब 10 लोगों की मौत हो गई है। मारे गए इन लोगों में कुछ हिज्बुल्लाह के सदस्य थे, जबकि कुछ आम नागरिक भी थे।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए बयान में हमले के लिए इजरायल को जिम्मेदार बताया। उन्होंने मृतकों की संख्या दस बताई है। हालांकि उनकी तरफ से यह साफ नहीं किया गया है कि कितने आम नागरिक हैं और कितने हिज्बुल्लाह के सिपाही है।
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, “हिज्बुल्लाह के दो अधिकारियों ने नाम न छपने की शर्त पर इस घटना पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार को लेबनान के उत्तर-पूर्वी रायक गांव में इजरायल की तरफ से भयानक हमला हुआ। इसमें करीब 8 हिज्बुल्लाह अधिकारी मारे गए हैं।” घटनास्थल पर हमले की जानकारी लेने पहुंची टीम ने भी देखा की इस हमले में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है, जबकि एक इमारत का तीन मंजिला पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है।
इस मामले पर जानकारी देते हुए इजरालय की तरफ से भी बयान जारी किया गया है। शनिवार को सेना की स्थिति पर बात करते हुए कहा गया कि लेबनान के बालबेक क्षेत्र में तीन- तीन अलग-अलग कमांड से हमला किया गया। इन हमलों में कई हिज्बुल्लाह अधिकारियों की मौत हुई। इजरायली सेना ने आगे कहा कि मारे गए हिज्बुल्ला सदस्यों की पहचान “तैयारी और सैन्य बल निर्माण प्रक्रियाओं को तेज करने और इजरायल की ओर हमले की योजना बनाने” के रूप में की गई है। इसी वजह से उन पर तुरंत हमला करके उन्हें खत्म कर दिया गया।
हिज्बुल्लाह के स्थानीय कमांडर मारे गए
एक हिज्बुल्लाह अधिकारी ने बताया कि मरने वालों में से तीन स्थानीय कमांडर थे। इनकी पहचान अली अल-मौसावी, मोहम्मद अल-मौसावी और हुसैन याघी के रूप में हुई है। याघी, हिज्बुल्लाह के एक प्रमुख अधिकारी और संस्थापक मोहम्मद याघी का बेटा था, जिनका 2023 में निधन हो गया था। मोहम्मद याघी, हिज़्बुल्लाह के दिवंगत नेता हसन नसरल्लाह के भी करीबी सहयोगी था, जिनकी सितंबर 2024 में एक इजरायली हवाई हमले में मृत्यु हो गई थी।
कई लोग मारे गए: लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि पूर्वी लेबनान पर इजरायली हमलों में 10 लोग मारे गए और 24 घायल हुए, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। रायक अस्पताल के कार्यकारी निदेशक अली अब्दुल्ला ने एपी को बताया कि हमला सूर्यास्त के बाद हुआ और उन्हें 10 शव और 21 घायल मिले हैं। उन्होंने बताया कि मृतकों में दो गैर-लेबनानी नागरिक भी शामिल हैं
गौरतलब है कि यह पूरा मामला 7 अक्तूबर 2023 को हमास के आतंकवादियों द्वारा इजरायल पर किए गए हमले के बाद शुरू हुआ था। इसके बाद से इजरायल ने हमास के ऊपर जमकर हमला बोला। हमास की मदद के लिए जब हिज्बुल्लाह सामने आया, तो इजरायल ने उसकी लीडरशिप को खत्म कर दिया। इसमें सबसे पहले हिज्बुल्लाह की कमान को लगभग दो दशक तक संभालने वाले हसन नसरल्लाह थे, जिन्हें एक बंकर में छिपे होने के बाद भी इजरायल ने मौत के घाट उतार दिया।
इसके बाद इजरायल ने हमास के अलावा लेबनान में भी अपना सैन्य अभियान शुरू कर दिया। इजरायली सेना लगातार आगे बढ़ती गई। बाद में सीजफायर के बाद स्थिति थोड़ी सामान्य हुई, लेकिन अभी भी इजरायल जब चाहे तब लेबनान की सीमा में घुस जाता है।
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