Source :- LIVE HINDUSTAN
पिछले सत्र में 4.6% की बढ़त के बाद वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चा तेल 65 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है। वहीं, ब्रेंट कच्चा तेल दो सप्ताह से अधिक समय में पहली बार 70 डॉलर के स्तर को पार कर गया। हालांकि, राहत की बात यह है कि भारत में पेट्रोल-डीजल के रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
Petrol-Diesel Rate Today: अमेरिका द्वारा ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई की खबरों के बाद तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। पिछले सत्र में 4.6% की बढ़त के बाद वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चा तेल 65 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है। वहीं, ब्रेंट कच्चा तेल दो सप्ताह से अधिक समय में पहली बार 70 डॉलर के स्तर को पार कर गया। हालांकि, राहत की बात यह है कि भारत में पेट्रोल-डीजल के रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में इंडियन ऑयल के पंपों पर पेट्रोल की आज रिटेल कीमत ₹94.77 प्रति लीटर है। इसी तरह, डीजल का खुदरा मूल्य ₹87.67 प्रति लीटर है।
दिल्ली में कितना है पेट्रोल-डीजल पर टैक्स
तेल कंपनियों द्वारा तय बेस प्राइस और एक्साइज ड्यूटी के साथ ₹74.97 है। डीलर कमीशन ₹4.40 जुड़ता है। सबसे ऊपर, दिल्ली सरकार का VAT ₹15.40 लगाया जाता है, जिसके योग से यह कीमत ₹94.77 बनती है।
डीजल पर कितना टैक्स
इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मतुाबिक इसी तरह, डीजल का खुदरा मूल्य ₹87.67 प्रति लीटर है, जो ₹71.81 के बेस प्राइस प्लस एक्साइज ड्यूटी और ₹3.03 के डीलर कमीशन और ₹12.83 के VAT को जोड़ने के बाद बनता है।
ईरान पर सैन्य कार्रवाई की आशंका से बाजार में हलचल
ब्लूमबर्ग ने एक न्यूज वेबसाइट एक्सियोस की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि अमेरिकी सैन्य अभियान की संभावना पहले की अपेक्षा कहीं अधिक नजदीक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह अभियान कई हफ्तों तक चल सकता है और इजरायल सरकार ईरान में शासन परिवर्तन के लक्ष्य वाली स्थिति पर जोर दे रही है।
तेल सप्लाई पर खतरा
इस क्षेत्र में संभावित युद्ध से वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है, क्योंकि यह क्षेत्र दुनिया के कुल तेल उत्पादन का लगभग एक तिहाई हिस्सा पंप करता है। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
बातचीत में अनिश्चितता और नए प्रतिबंध
ब्लूमबर्ग के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच बातचीत अब तक अनिर्णायक रही है। तेहरान का कहना है कि उसने संभावित परमाणु समझौते की शर्तों पर वाशिंगटन के साथ ‘सामान्य सहमति’ बना ली है। वहीं, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ईरानी वार्ताकार दो सप्ताह में एक नए प्रस्ताव के साथ जिनेवा लौटेंगे।
इस बीच, अमेरिका ने बुधवार को ईरान के हालिया सरकार विरोधी प्रदर्शनों को दबाने और इंटरनेट सेवा बंद करने के मामले में वहां के अधिकारियों और कारोबारियों पर वीजा प्रतिबंध लगाने की भी घोषणा की।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



