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ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर हुए हमले से भड़का रूस, बोला- ये तो खुला उल्लंघन है

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Source :- LIVE HINDUSTAN

यह हमला ईरान-इजरायल संघर्ष के चौथे सप्ताह में हुआ है और पहले भी नतांज पर कई बार हमले हो चुके हैं। ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन ने पुष्टि की कि हमले के बाद कोई रेडियोएक्टिव लीक नहीं हुआ और आसपास के निवासियों को कोई खतरा नहीं है।

रूस ने ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि शनिवार को हुआ यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को बताया कि नतांज फैसिलिटी पर हमला हुआ, जिसकी पुष्टि एजेंसी ने अपने एक्स पोस्ट में की। यह घटना मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव और अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच हुई है, जहां नतांज ईरान का प्रमुख यूरेनियम संवर्धन स्थल है। ईरान के साथ रूस निकट संबंध रखता है और उसके परमाणु कार्यक्रम में सहयोग करता रहा है।

यह हमला ईरान-इजरायल संघर्ष के चौथे सप्ताह में हुआ है और पहले भी नतांज पर कई बार हमले हो चुके हैं। ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन ने पुष्टि की कि हमले के बाद कोई रेडियोएक्टिव लीक नहीं हुआ और आसपास के निवासियों को कोई खतरा नहीं है। हालांकि, यह घटना परमाणु सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि बार-बार ऐसे हमले परमाणु सुविधाओं की स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं। IAEA ने भी इस हमले की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि कोई रेडियोलॉजिकल प्रभाव नहीं देखा गया। रूस ने पहले भी ईरान की अन्य परमाणु साइटों पर हमलों की निंदा की थी, जहां रूसी तकनीक से बना प्लांट है।

शांति और सुरक्षा के लिए खतरा

रूसी विदेश मंत्रालय का यह बयान अंतरराष्ट्रीय समुदाय में परमाणु स्थलों पर हमलों के खिलाफ मजबूत संदेश देता है। जखारोवा ने इसे खुला उल्लंघन करार दिया, जो वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है। रूस लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताता आया है और JCPOA जैसे समझौतों का समर्थन करता है। इस निंदा से रूस की ईरान के प्रति प्रतिबद्धता और पश्चिमी देशों के खिलाफ उसकी स्थिति साफ होती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हमले क्षेत्रीय युद्ध को और विस्तार दे सकते हैं, जिसमें मिसाइल हमले और जवाबी कार्रवाइयां बढ़ रही हैं। यह घटना मध्य-पूर्व की अस्थिरता को दर्शाती है, जहां अमेरिका और इजरायल ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को लक्ष्य बना रहे हैं, जबकि रूस और अन्य देश इसे आक्रामकता मानते हैं। रूस ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील भी की है ताकि स्थिति और बिगड़े नहीं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN