Source :- LIVE HINDUSTAN
इब्राहिम ने ओमान सहित अन्य देशों के प्रयासों की भी सराहना की, जिन्होंने पहले भी इस संकट को कम करने की कोशिश की है। अपने बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए बल्कि इसका उद्देश्य स्थायी समाधान होना चाहिए।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एक और मुस्लिम देश ने समझौते वाले पाकिस्तानी प्रस्ताव का समर्थन किया है। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने शांति और कूटनीति की मजबूत वकालत करते हुए कहा है कि अब समय आ गया है जब युद्ध नहीं, बल्कि संवाद को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के लिए पाकिस्तान की पहल का खुलकर स्वागत किया। मलेशियाई प्रधानमंत्री ने पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व में पाकिस्तान द्वारा अमेरिका–ईरान वार्ता की पेशकश को “समय पर और रचनात्मक कदम” बताया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम दुनिया में पाकिस्तान की साख और दोनों पक्षों से उसके संबंध उसे एक भरोसेमंद मध्यस्थ बनाते हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “मैं अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेज़बानी करने के पाकिस्तान के समय पर और रचनात्मक प्रस्ताव का स्वागत करता हूँ। मैं प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ और अन्य मित्र देशों के नेताओं की सराहना करता हूँ कि उन्होंने क्षेत्रीय संकट के इस गंभीर दौर में आगे बढ़कर पहल की; इससे पहले ओमान और अन्य मित्र देशों के नेतृत्व ने भी सराहनीय प्रयास किए थे। संबंधित पक्षों के साथ पाकिस्तान के संबंध, और मुस्लिम जगत में एक विश्वसनीय आवाज़ के तौर पर उसकी साख, उसे सार्थक बातचीत के लिए अनुकूल माहौल बनाने में मदद करने की एक मज़बूत स्थिति में रखते हैं।”
ओमान समेत अन्य देशों की भूमिका का भी जिक्र
मलेशियाई प्रधानमंत्री ने ओमान सहित अन्य देशों के प्रयासों की भी सराहना की, जिन्होंने पहले भी इस संकट को कम करने की कोशिश की है। अपने बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए बल्कि इसका उद्देश्य स्थायी समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया ने पहले भी ऐसे कई संघर्ष देखे हैं, जहां संघर्ष कुछ समय के लिए रुका, लेकिन खत्म नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि “युद्धविराम” सिर्फ अस्थायी विराम बनकर न रह जाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
ईरान के अधिकार और संयम की अपील
मलेशियाई पीएम ने इजरायल द्वारा किए जा रहे हमलों के संदर्भ में ईरान के आत्मरक्षा के अधिकार को भी अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत मान्यता दी है। साथ ही, सभी पक्षों से संयम बरतने और आम नागरिकों व खाड़ी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। अनवर इब्राहिम ने डबल स्टैंडर्ड वाली अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का इस्तेमाल चुनिंदा तरीके से नहीं होना चाहिए। इसकी विश्वसनीयता समान रूप से लागू करने पर निर्भर करती है।
किन-किन देशों से की बातचीत
प्रधानमंत्री इब्राहिम ने अपने पोस्ट में बताया है कि उन्होंने हाल ही में कई देशों के नेताओं से बातचीत की है। उन्होंने लिखा, “हाल के दिनों में, मैंने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC), तुर्की, मिस्र, इंडोनेशिया, जापान, पाकिस्तान और अन्य सहयोगी देशों के नेताओं के साथ चर्चा की है, ताकि मौजूदा स्थिति को बेहतर ढंग से समझा जा सके और तनाव कम करने (de-escalation) की दिशा में प्रयास किए जा सकें। मलेशिया एक न्यायसंगत और स्थायी शांति की स्थापना की दिशा में किए जाने वाले हर विश्वसनीय प्रयास का निरंतर समर्थन करता रहेगा।” मलेशियाई पीएम ने साफ किया कि वह हर उस पहल का समर्थन करेंगे जो न्यायपूर्ण और स्थायी शांति की दिशा में होगा।
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