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इस्लामिक गणराज्य का तख्तापलट नहीं कर पाएगा अमेरिका, अली खामेनेई की दो टूक

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अली खामेनेई का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप ने कहा था कि ईरान में तख्तापलट सबसे अच्छी चीज हो सकती है। खामेनेई ने उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिकी सेना दुनिया में सबसे ताकतवर है।

ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने कहा कि अमेरिका इस्लामिक गणराज्य के तख्तापलट में कभी कामयाब नहीं होगा। अगर वह ऐसा करने की कोशिश करता है तो दुनिया की सबसे ताकतवर सेना को भी गहरे आघात पहुंच सकते हैं। खामेनेई ने पूर्वी अजरबेजान के लोगों के साथ मंगलवार को बैठक में कहा, ‘अमेरिका के राष्ट्रपति ने अपने हालिया बयान में कहा है कि यूएस 47 साल तक इस्लामिक गणराज्य को हराने में नाकाम रहा है। उन्होंने अपने ही लोगों से इसकी शिकायत की। यह एक अच्छा इकबालिया बयान है। मैं कहता हूं कि आप भी यह नहीं कर पाएंगे।’

अली खामेनेई का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप ने कहा था कि ईरान में तख्तापलट सबसे अच्छी चीज हो सकती है। खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिकी सेना दुनिया में सबसे ताकतवर है। उन्होंने कहा, ‘दुनिया की सबसे ताकतवर सेना को भी कभी ऐसा जख्म मिल सकता है कि वह उठ न सके। वे कहते रहते हैं कि हमने ईरान की ओर युद्धपोत भेज दिया है। युद्धपोत खतरनाक तो है, लेकिन उससे भी खतरनाक वह हथियार है जो उस युद्धपोत को समंदर की तह में पहुंचा सकता है।’

अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता का दूसरा दौर

अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता का दूसरा दौर भी मंगलवार को जारी रहा। इस बीच, खामेनेई ने कहा कि अमेरिका की धमकियां ईरान को काबू करने की कोशिश का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका की सत्ता पर काबिज भ्रष्ट नेताओं के आगे नहीं झुकेगा। खामेनेई ने कहा, ‘वे कहते हैं कि परमाणु ऊर्जा पर बातचीत करो और बातचीत का नतीजा यह रहेगा कि तुम्हारे पास परमाणु ऊर्जा नहीं बचेगी। अगर बातचीत होनी ही है तो पहले से उसका नतीजा निर्धारित कर लेना गलत और बेवकूफाना है।’

आर्थिक तंगी के खिलाफ प्रदर्शन

अली खामेनेई ने इसी भाषण में कहा कि देश में आर्थिक तंगी के खिलाफ जनवरी में हुए प्रदर्शनों के दौरान मारे गए लोगों को शहीद माना गया है। उन्होंने कहा, ‘खून बहा है। हम दुखी हैं। मैं कहता हूं कि हम बहे हुए खून के लिए शोकाकुल हैं।’ आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी के प्रदर्शनों में 3117 लोगों की मौत हुई है, जबकि गैर-सरकारी संगठनों के अनुसार यह आंकड़ा इससे काफी बड़ा है। खामेनेई ने यह भी कहा कि मरने वाले सभी लोग शहीद की श्रेणी में नहीं आते। इनमें से कुछ भ्रष्ट तत्व और भड़काऊ लोग थे, जबकि बाकियों ने विरोध प्रदर्शन आयोजित करने में कोई भूमिका नहीं निभाई।

ईरानी नेता ने प्रदर्शनों में मरने वालों को तीन श्रेणियों में बांटा। उन्होंने कहा कि ईरान के मरने वाले शहीदों का दायरा बड़ा है, लेकिन जिन लोगों ने दुश्मन से पैसे और हथियार लिए, वे रिंगलीडर हैं और उन्हें शहीद नहीं माना जा सकता। खामेनेई ने भटके हुए प्रदर्शनकारियों के लिए दुआ करते हुए अपनी बात खत्म की। उन्होंने कहा कि जनवरी के प्रदर्शन दुश्मन की साजिश थे, न कि एक घरेलू आंदोलन।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN