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2 घंटे पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान में दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा किए हुए अभी 24 घंटे से थोड़ा ही ज़्यादा समय हुआ है, लेकिन इस शांति समझौते में दरारें साफ़ दिखने लगी हैं.
ईरान और मध्यस्थ पाकिस्तान ने दावा किया है कि युद्धविराम की शर्तों में लेबनान पर हमले रोकना भी शामिल है.
लेकिन इसराइल ने कहा है कि लेबनान पर हमले रोकने वाली बात युद्धविराम का हिस्सा नहीं है.
इसके बाद इसराइल ने लेबनान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं, जिनमें कम से कम 182 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.
इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने इन हमलों को युद्ध शुरू होने के बाद से हिज़्बुल्लाह पर किया गया ‘सबसे बड़ा प्रहार’ बताया है.
उन्होंने यह भी कहा है, “अगर ज़रूरत पड़ी तो इसराइल ईरान के ख़िलाफ़ फिर से लड़ाई शुरू करेगा.”
वहीं, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर लेबनान में हमले तुरंत नहीं रुके तो वो ऐसा जवाब देगा जिसका उसके दुश्मनों को ‘पछतावा होगा.’
ईरान का आरोप
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शनिवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान के साथ होने वाली बातचीत में हिस्सा लेंगे.
इस बातचीत का एक बड़ा विवादित मुद्दा होगा होर्मुज़ स्ट्रेट में शिपिंग. ये फारस की खाड़ी का एक अहम समुद्री रास्ता है और दुनिया भर में तेल और ईंधन सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है.
ईरान ने कहा है कि अगर कोई जहाज़ उसकी अनुमति के बिना इस रास्ते से गुजरता है तो उसे ‘निशाना बनाकर तबाह’ किया जाएगा.
उधर, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाग़र ग़ालिबाफ़ का कहना है कि उनके 10-सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव की तीन शर्तों का पहले ही ‘खुले तौर पर उल्लंघन’ हो चुका है. लेकिन जेडी वेंस ने माना है कि ऐसे समझौतों में कुछ ‘उथल-पुथल’ होना स्वाभाविक है.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा, “ईरान-अमेरिका युद्धविराम की शर्तें बिल्कुल साफ़ और स्पष्ट हैं. अब अमेरिका को फ़ैसला करना होगा-या तो युद्धविराम, या फिर इसराइल के ज़रिए जंग जारी रखे. दोनों साथ नहीं चल सकते. दुनिया लेबनान में हो रहे नरसंहार को देख रही है. अब गेंद अमेरिका के पाले में है, और पूरी दुनिया की नज़र इस बात पर है कि क्या वह अपने वादों और प्रतिबद्धताओं पर अमल करता है.”
निक बील बीबीसी संवाददाता, यरूशलम से
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बुधवार को इसराइल ने लेबनान में सिर्फ़ 10 मिनट के भीतर 100 ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया. दूसरी ओर ईरान ने साफ़ चेतावनी दी है कि अगर ये हमले नहीं रुके, तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा.
वहीं पीबीएस चैनल से बातचीत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि उनके ईरान समझौते की शर्तों का इसराइल उल्लंघन नहीं कर रहा है, क्योंकि उनके मुताबिक लेबनान ‘एक अलग झड़प’ है.
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने भी एक सवाल के जवाब में कहा कि लेबनान युद्धविराम का हिस्सा नहीं है.
पिछले छह सप्ताह में लेबनान में जारी जंग में 1,500 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 130 बच्चे शामिल हैं, जबकि 10 लाख से ज़्यादा लोग विस्थापित हुए हैं.
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SOURCE : BBC NEWS



