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इस स्कीम में 8.2% ब्याज दे रही सरकार, 5 अप्रैल से पहले निवेश पर होगा बड़ा मुनाफा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

बता दें कि सुकन्या समृद्धि योजना 22 जनवरी 2015 को सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत शुरू की गई थी। वर्तमान में, सुकन्या समृद्धि योजना के तहत ब्याज दर 8.2% है। सरकार हर तिमाही आधार पर इसकी ब्याज को लेकर फैसला लेती है।

Sukanya Samriddhi Account Scheme: नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत हो चुकी है। इस नए फाइनेंशियल ईयर के शुरुआती 5 दिन सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में निवेश करने वाले लोगों के लिए काफी अहम हैं। दरअसल, इस योजना में ब्याज की गणना एक खास नियम के तहत होती है। इसमें हर महीने 5 तारीख से महीने के अंत तक के बीच जो न्यूनतम बैलेंस होता है, उसी पर ब्याज तय किया जाता है। आसान भाषा में समझें तो अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो उस महीने के लिए उस राशि पर ब्याज नहीं मिलेगा। अगर आप 5 अप्रैल से पहले पैसा जमा कर देते हैं, तो पूरे वित्त वर्ष के लिए उस राशि पर ब्याज मिलना शुरू हो जाएगा।

योजना के बारे में

बता दें कि सुकन्या समृद्धि योजना 22 जनवरी 2015 को सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत शुरू की गई थी। वर्तमान में, सुकन्या समृद्धि योजना के तहत ब्याज दर 8.2% है। सरकार हर तिमाही आधार पर इसकी ब्याज को लेकर फैसला लेती है। इसी के तहत हाल ही में सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों का ऐलान किया है।

इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। कहने का मतलब है कि सुकन्या समृद्धि योजना पर अभी भी 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है, जो कि पहले की तरह ही बरकरार है। सुकन्या समृद्धि योजना एक कम जोखिम वाली जमा योजना है, जिसमें सरकार मूलधन की गारंटी देती है और ब्याज का भुगतान प्रत्येक तिमाही में निर्धारित दरों के अनुसार वार्षिक रूप से किया जाता है।

सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता खोलने के लिए डॉक्युमेंट?

-सुकन्या समृद्धि खाता खोलने का फॉर्म, जो बैंकों/डाकघरों में उपलब्ध है

-बालिका का जन्म प्रमाण पत्र

-भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा जारी आधार संख्या

-स्थायी खाता संख्या या आयकर नियमों में परिभाषित फॉर्म 60

कैसे अकाउंट ओपन होगा?

बता दें कि एक बालिका का केवल एक सुकन्या अकाउंट खोला जा सकता है और एक परिवार अधिकतम दो बालिकाओं के लिए खाते खोल सकता है। यह खाता बालिका के जन्म से लेकर 10 वर्ष की आयु तक कभी भी खोला जा सकता है।

माता-पिता या कानूनी अभिभावक अपनी भारतीय बालिका के लिए किसी भी भारतीय डाकघर या किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और अधिकृत निजी क्षेत्र के बैंकों (एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और आईडीबीआई बैंक) की शाखा में खाता खोल सकते हैं। यह खाता भारत में किसी भी स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है। खास बात ये है कि जब तक बालिका 18 वर्ष की नहीं हो जाती, तब तक खाता माता-पिता/अभिभावक द्वारा प्रबंधित किया जाता है। इससे अभिभावक बचत की निगरानी कर सकते हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN