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इमर्जिंग टीम्स एशिया कप में चयन से वंचित प्रियंश आर्या, आगे बढ़ने को प्रतिबद्ध

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Priyansh Arya भारत की Emerging Teams Asia Cup टीम में चयन से नजरअंदाज किए जाने के बावजूद निराश नहीं हैं। उनका कहना है कि उनका ध्यान निराशाओं पर अटकने के बजाय लगातार सुधार पर केंद्रित है। उनकी दृढ़ता हालिया प्रदर्शन में साफ दिखाई देती है, खासकर Delhi और Punjab Kings के लिए खेलते हुए, जहां उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की तुलना अक्सर white-ball cricket के कुछ सबसे विस्फोटक सलामी बल्लेबाजों से की जाती है।

## एक मौका गंवाया, लेकिन यह झटका नहीं

India A के limited-overs सेटअप में लगातार अपनी जगह बनाने वाले Arya को Tilak Varma की कप्तानी वाली टीम में शामिल नहीं किया गया। इस टीम में Abhishek Sharma और Vaibhav Sooryavanshi को पारी की शुरुआत के लिए चुना गया। इस अनदेखी के बावजूद Arya का कहना है कि वह खुद को बदकिस्मत नहीं मानते। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मैं खुद को बदकिस्मत नहीं मानता। मुझे जो कुछ भी मिलता है, वह बहुत है। मैं आभारी हूं और ऐसा हर किसी के साथ होता है। आपको दरवाजे के खुलने तक उसे लगातार धक्का देते रहना होता है।”

## आंकड़े खुद कहानी बयां करते हैं

– **List A strike rate**: 135.11
– **T20 strike rate**: 176.78
– **Ranji Trophy में पदार्पण वाला first-class मैच**: प्रभावशाली 199 रन बनाए, दोहरा शतक बनाने से सिर्फ एक रन से चूके और अपने पहले first-class शतक को दर्ज किया।
– **IPL 2026**: सभी खिलाड़ियों के बीच तीसरा सर्वश्रेष्ठ strike rate रहा। उनसे आगे केवल Sooryavanshi और Finn Allen रहे, जबकि Abhishek Sharma चौथे स्थान पर रहे। Punjab Kings के लिए खेलते हुए Arya ने टूर्नामेंट में 211.62 का strike rate दर्ज किया।

ये आंकड़े उनकी प्रभावशीलता और आक्रामक बल्लेबाजी को रेखांकित करते हैं—ऐसी खूबियां, जिनके कारण Emerging Teams Asia Cup टीम से उनकी अनुपस्थिति उनकी क्षमता का आकलन कम और एक गंवाए गए अवसर जैसी अधिक महसूस होती है।

## Ranji मैच और बल्लेबाजी की परिस्थितियों पर विचार

Palam के Air Force Complex Ground में Ranji Trophy मुकाबले में Delhi के लिए खेलते हुए Arya का अर्धशतक इस बात का संकेत था कि red-ball cricket में उनका फॉर्म white-ball cricket की सफलता के करीब पहुंच रहा है। उनके अनुसार, पिच पर शुरुआत में सीम मूवमेंट था, लेकिन जैसे-जैसे सत्र आगे बढ़े, खासकर मैच के बाद के हिस्से में, पिच सख्त होती गई।

Arya ने समझाया, “विकेट बहुत अच्छा है। पहले सत्र में अगर थोड़ी नमी होती है, तो गेंद थोड़ी सीम होती है… दूसरे सत्र में विकेट थोड़ा सख्त हो जाता है, इसलिए गेंद बल्ले पर उतनी अच्छी तरह नहीं आती।” उनका मानना है कि अगले मैच में, खासकर शुरुआती घंटे में, जल्दी विकेट लेना Delhi को outright जीत की दिशा में आगे बढ़ा सकता है।

बल्लेबाजी को लेकर भी उनका ध्यान पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा, “हमारी बल्लेबाजी की ताकत बहुत अच्छी है। हम 300 रन तक का लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। अगर हमारे पास पर्याप्त समय रहा, तो यह हमारी टीम के लिए अच्छा होगा।”

## करीबी मौकों से सीख

अपने first-class पदार्पण में 199 रन बनाने के बाद Arya की भावनाएं मिली-जुली थीं। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें तुरंत यह अहसास नहीं हुआ कि वह दोहरे शतक से कुछ ही दूर रह गए हैं। उन्होंने कहा, “जब मैं मैदान से बाहर आया तो थोड़ा दुखी था, लेकिन यह खेल का हिस्सा है। 199 रन बनाना काफी दुर्लभ है।”

Mentorship ने Arya की सोच को आकार देने में भूमिका निभाई है। उन्होंने Delhi के कोच Vijay Dahiya की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें उनसे लगातार प्रेरणा मिलती है। Dahiya का जोर केवल मैच जीतने पर नहीं है—वह outright जीत के लिए प्रयास करने पर भी ध्यान देते हैं, जिससे टीम के नतीजों और व्यक्तिगत विकास, दोनों में मदद मिलती है।

## Syed Mushtaq Ali Trophy पर नजर

14 नवंबर से शुरू होने वाली Syed Mushtaq Ali Trophy के साथ Arya का तत्काल लक्ष्य स्पष्ट है। Delhi अपने अभियान की शुरुआत Indore के Holkar Stadium में Jammu and Kashmir के खिलाफ करेगा। Arya चुनौतीपूर्ण कार्यक्रम और तैयारी के लिए सीमित समय को स्वीकार करते हैं, लेकिन उन्हें मिलने वाले समर्थन और अपने साथियों की सामूहिक क्षमता पर भरोसा है। उन्होंने कहा, “कई खिलाड़ी white-ball cricket में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, खासकर opening slot में, जहां काफी प्रतिस्पर्धा है।”

## प्रारूपों के बीच सहज तालमेल: Red-Ball और White-Ball का मेल

Red-ball और white-ball प्रारूपों के बीच बदलाव को लेकर उनका कहना है कि यह काफी हद तक सोच पर निर्भर करता है। Arya ने कहा, “सब कुछ हमारी सोच पर निर्भर करता है। आपकी सोच जैसी होती है, वह हमारी काफी मदद करती है, चाहे red ball हो या white ball।”

उनके विचार में red-ball cricket अब भी बुनियादी आधार है। उनका मानना है कि लंबे प्रारूपों में मजबूत तकनीक और धैर्य ऐसे कौशल तैयार करते हैं, जो limited-overs cricket में भी सहज रूप से काम आते हैं। जब उनसे किसी एक प्रारूप के विशेषज्ञ के रूप में पहचान बनाए जाने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इस लेबल को खारिज करते हुए कहा कि यह बाहरी लोगों द्वारा बनाया गया है और इससे उनकी अपनी धारणा पर कोई असर नहीं पड़ता।

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Arya का सफर दृढ़ता की मिसाल है। हालांकि Emerging Teams Asia Cup से बाहर रहना उन्हें जरूर खला, लेकिन उनके प्रदर्शन ने न केवल उनकी क्षमता को रेखांकित किया है—बल्कि वे लगातार अपना दावा भी मजबूत कर रहे हैं। Syed Mushtaq Ali Trophy की तैयारी और भविष्य के अवसरों पर नजर रखते हुए उनका संदेश स्पष्ट है: दरवाजा खुलने तक मेहनत करते रहिए।

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