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इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने इसराइल के ख़िलाफ़ लिया ये फ़ैसला

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Source :- BBC INDIA

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी

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4 घंटे पहले

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इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा है कि वह इसराइल के साथ देश के रक्षा समझौते को अब आगे नहीं बढ़ा रही हैं. स्थानीय समाचार एजेंसियों ने यह जानकारी दी है.

उन्होंने मंगलवार को वेरोना में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए “हर संभव प्रयास” किया जाना चाहिए.

वहीं इसके जवाब में इसराइल के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस क़दम का उसकी सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

इसराइल के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, “इटली के साथ हमारा कोई सुरक्षा समझौता नहीं है.”

इसराइली विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस समझौते को “कई साल पहले का एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग” बताया, जिसमें “कभी कोई ठोस सामग्री शामिल नहीं रही.”

प्रवक्ता ने आगे कहा, “इससे इसराइल की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा.”

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इटली के इसराइल के साथ इस रक्षा समझौते में सैन्य उपकरणों का आदान-प्रदान और जॉइंट रिसर्च शामिल है.

समाचार एजेंसी एएनएसए के मुताबिक़, वेरोना में एक कार्यक्रम के दौरान मेलोनी ने कहा, “मौजूदा स्थिति को देखते हुए, सरकार ने इसराइल के साथ रक्षा समझौते के रिन्यूअल को निलंबित करने का फ़ैसला किया है.”

यह लंबे समय से चला आ रहा समझौता था, जिसे हर पांच साल में अलग-अलग राजनीतिक दलों की सरकारें अपने आप रिन्यू करती रही हैं. ये समझौता युद्ध शुरू होने से बहुत पहले से लागू था.

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी

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इटली क्यों नहीं रिन्यू कर रहा समझौता?

लॉरा गोज़ी

यूरोप रिपोर्टर

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा है कि उनकी सरकार ने “मौजूदा स्थिति को देखते हुए” इस समझौते के रिन्यू को रोकने का फ़ैसला किया है, जो हर पांच साल में होता है, हालांकि उन्होंने यह साफ़ नहीं किया कि वह किस स्थिति की बात कर रही हैं.

लेकिन हाल के समय में इटली और इसराइल के बीच रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं.

पिछले हफ्ते इटली ने रोम में इसराइली राजदूत को तलब किया था, जब लेबनान में संयुक्त राष्ट्र के इतालवी शांति सैनिकों के एक काफ़िले पर इसराइली बलों ने चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाई थीं, जिससे एक वाहन को नुक़सान हुआ था.

हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ था.

वहीं सोमवार को इसराइल ने इटली के राजदूत को तलब किया था ताकि इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी की टिप्पणियों पर विरोध दर्ज कराया जा सके.

इटली के विदेश मंत्री ने लेबनान में नागरिकों पर इसराइल के “अस्वीकार्य हमलों” की निंदा की थी और कहा था कि “ग़ज़ा जैसी एक और स्थिति से हर हाल में बचना चाहिए.”

अन्य यूरोपीय देशों ने भी इसराइल के साथ हथियारों के निर्यात को रोक दिया है या उस पर पाबंदियां लगाई हैं.

इटली की विपक्षी पार्टियां लंबे समय से सरकार से ऐसा करने की मांग कर रही थीं.

हाल के सालों में लाखों इतालवी नागरिक सड़कों पर उतरे हैं या हड़ताल पर गए हैं, ताकि ग़ज़ा में इसराइल की कार्रवाई और फ़लस्तीनी राज्य को मान्यता देने वाले देशों की बढ़ती संख्या में शामिल होने को लेकर मेलोनी की हिचकिचाहट का विरोध कर सकें.

'आयरन डोम' से दागी जाने वाली कुछ इंटरसेप्टर मिसाइलें भी अमेरिका में बनती हैं

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जर्मनी और अमेरिका देते हैं हथियार

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक़, इटली इसराइल को हथियार निर्यात करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश है.

लेकिन इसके बावजूद, 2021 से 2025 के बीच इसराइल के कुल हथियार आयात में इसकी हिस्सेदारी सिर्फ 1.3% है.

अमेरिका और जर्मनी इसराइल को हथियार निर्यात करने वाले सबसे बड़े देश हैं.

इसराइल को हर साल अमेरिका से अरबों डॉलर की सैन्य सहायता मिलती है और अमेरिका निर्मित लड़ाकू विमानों से दागे जाने वाले हथियार भी अमेरिका से ही आते हैं.

इसराइली एयर डिफ़ेंस सिस्टम ‘आयरन डोम’ से दागी जाने वाली कुछ इंटरसेप्टर मिसाइलें भी अमेरिका में बनी होती हैं.

इसके अलावा, भूमिगत ईरानी परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए इसराइल ने जिन ‘बंकर बस्टर बमों’ का इस्तेमाल किया था, उनमें ज़्यादातर अमेरिका से ही भेजी गई थीं.

थाड सिस्टम

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अमेरिका में बना थाड सिस्टम कैसे काम करता है?

ईरान के अक्तूबर 2024 के हमले के बाद अमेरिका ने इसराइल को एक थाड बैटरी दी थी.

थाड मिसाइलें दुश्मन की मिसाइलों को उनकी उड़ान के आख़िरी चरण में, यानी गिरने से ठीक पहले 150 से 200 किलोमीटर की दूरी पर रोकने के लिए बनाई गई हैं. इसका काम डेविड्स स्लिंग जैसा ही है.

ये सिस्टम दुश्मन की मिसाइलों को धरती के वायुमंडल के अंदर और बाहर, दोनों जगहों पर मार सकता है.

थाड की एक बैटरी में आमतौर पर छह लॉन्चर होते हैं और हर लॉन्चर में आठ मिसाइलें होती हैं.

अमेरिका ने इस सिस्टम को चलाने के लिए अपने सैनिक भी इसराइल भेजे थे.

अमेरिकी सेना 2015 से थाड का इस्तेमाल कर रही है. अमेरिका इसे सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को भी बेच चुका है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

SOURCE : BBC NEWS