Source :- LIVE HINDUSTAN
इजरायली संसद में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत गाजा शांति पहल का समर्थन करता है और यह समझौता क्षेत्र में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति की उम्मीद जगाता है। उन्होंने 7 अक्टूबर को हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमले की भी निंदा की।
इजरायली संसद में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत गाजा शांति पहल का समर्थन करता है और यह समझौता क्षेत्र में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति की उम्मीद जगाता है। उन्होंने 7 अक्टूबर को हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमले की भी निंदा की। इससे पहले इजराइल की दो दिवसीय राजकीय यात्रा के लिए तेल अवीव पहुंचने के कुछ ही घंटों बाद बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजराइल की संसद (क्नेसेट) में खड़े होकर स्वागत किया गया। वे इजराइली संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। भारतीय नेता के रूप में अपने 10 साल के कार्यकाल में यह प्रधानमंत्री की इजराइल की दूसरी यात्रा है। पीएम मोदी ने आखिरी बार 2017 में इजराइल की यात्रा की थी।
इजराइली संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले कुछ सालों से, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी इकॉनमी रहा है। जल्द ही, हम दुनिया की टॉप तीन इकॉनमी में शामिल होंगे। उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ सालों में, भारत ने दूसरे देशों के साथ कई जरूरी ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमारी टीमें एक बड़े फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं।
पीएम ने आगे कहा कि यहूदी समुदाय भारत में बिना किसी जुल्म या भेदभाव के रहते आए हैं। उन्होंने अपने धर्म को बचाए रखा है और समाज में पूरी तरह से हिस्सा लिया है। पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी वजह आम लोगों की हत्या को सही नहीं ठहरा सकती। कोई भी चीज आतंकवाद को सही नहीं ठहरा सकती। भारत ने भी लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द सहा है। हमें 26/11 के मुंबई हमले में इजराइली नागरिकों समेत बेगुनाहों की जान जाने की याद है। आपकी तरह, हमारी भी आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति है, जिसमें कोई डबल स्टैंडर्ड नहीं है।
इजराइली संसद को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि गाजा पीस इनिशिएटिव, जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मंजूरी दी थी, एक रास्ता दिखाता है। भारत ने इस पहल के लिए अपना पक्का समर्थन जताया है। हमारा मानना है कि इसमें इस इलाके के सभी लोगों के लिए एक सही और टिकाऊ शांति का वादा है, जिसमें फिलिस्तीन मुद्दे को सुलझाना भी शामिल है। हमारी सभी कोशिशें समझदारी, हिम्मत और इंसानियत से चलें। शांति का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता, लेकिन भारत इस इलाके में बातचीत, शांति और स्थिरता के लिए आपके और दुनिया के साथ है।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि मेरा जन्म उसी दिन हुआ था जिस दिन भारत ने इजरायल को आधिकारिक मान्यता दी थी, 17 सितंबर, 1950। मैं भारत के लोगों की तरफ से हर उस जान और हर उस परिवार के लिए गहरी संवेदनाएं रखता हूं जिनकी दुनिया 7 अक्टूबर को हमास के बेरहम आतंकवादी हमले में तबाह हो गई। हम आपका दर्द समझते हैं, हम आपके दुख में शामिल हैं। भारत इस समय और आगे भी पूरे भरोसे के साथ इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा है।
इज़राइल की संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि इस प्रतिष्ठित सदन के सामने खड़ा होना मेरे लिए सौभाग्य और सम्मान की बात है। मैं भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर और एक पुरानी सभ्यता के प्रतिनिधि के तौर पर दूसरी सभ्यता को संबोधित करते हुए ऐसा कर रहा हूं। मैं अपने साथ 140 करोड़ भारतीयों का अभिवादन और दोस्ती, सम्मान और साझेदारी का संदेश लाया हूं।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



