Home टेक न्यूज़ अलर्ट! अगले कुछ महीनों में महंगे होने वाले हैं लैपटॉप, HP और...

अलर्ट! अगले कुछ महीनों में महंगे होने वाले हैं लैपटॉप, HP और Dell ने की शुरुआत

16
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

मेमोरी चिप्स की कमी और AI कंपनियों की बढ़ती मांग के चलते Dell और HP ने लैपटॉप की कीमतें बढ़ानी शुरू कर दी हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले महीनों में लैपटॉप और महंगे हो सकते हैं।

ग्लोबल टेक मार्केट में एक बड़ा बदलाव अगले कुछ महीनों में देखने को मिल सकता है, जिसका असर सीधे ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है। दुनिया की प्रमुख PC मेकर कंपनियां, जैसे Dell और HP, अपने लैपटॉप और डेस्कटॉप की कीमतें बढ़ाने में लगी हैं। यह कदम अचानक नहीं उठाया गया है, बल्कि मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतों और लिमिटेड सप्लाई का नतीजा है। एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि आने वाले महीनों में लैपटॉप खरीदना और महंगा हो सकता है।

सम्बंधित सुझाव

पूरे मामले की जड़ सप्लाई चेन में छिपी है। DRAM और NAND जैसी मेमोरी चिप्स, जो किसी भी लैपटॉप या डेस्कटॉप की परफॉर्मेंस का आधार होती हैं, इस समय भारी डिमांड में हैं। रिसर्च फर्म IDC के मुताबिक, इस साल मेमोरी चिप प्रोडक्शन की रफ्तार सामान्य वर्षों की तुलना में काफी धीमी है, जबकि मांग तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि कंपोनेंट्स की लागत बढ़ रही है और इसका असर सीधे प्रोडक्ट्स की कीमत पर पड़ रहा है।

महंगे हुए बड़ी कंपनियों के लैपटॉप

रिपोर्ट्स बताती हैं कि Dell ने 32GB मेमोरी वाले कुछ Pro और Pro Max मॉडल्स की कीमतों में 130 (करीब 11,800 रुपये) से 230 डॉलर (करीब 20,800 रुपये) तक की बढ़ोतरी की है। वहीं HP ने अपनी लेटेस्ट अर्निंग कॉल में संकेत दिया कि वह ‘across the board’ यानी बड़े स्तर पर कीमतें बढ़ाने की तैयारी में है। इसका मतलब यह है कि केवल हाई-एंड मॉडल ही नहीं, बल्कि मिड-रेंज और बिजनेस लैपटॉप भी महंगे हो सकते हैं।

इंडस्ट्री से आ रही हैं ऐसी चेतावनियां

ग्लोबल टेक इंडस्ट्री से आ रही चेतावनियां भी ग्राहकों की चिंता बढ़ा रही हैं। Lenovo के CEO यांग युआनकिंग ने कहा है कि बढ़ती कंपोनेंट लागत के चलते PC शिपमेंट पर दबाव पड़ सकता है। वहीं Intel के CEO लिप-बू टैन ने संकेत दिया है कि 2028 से पहले इस स्थिति में राहत मिलना मुश्किल दिखता है। इसका मतलब है कि यह दिक्कत कुछ वक्त की नहीं, बल्कि लंबे वक्त तक देखने को मिल सकती है।

छोटी कंपनियां सबसे ज्यादा प्रभावित

छोटी और मीडियम साइज्ड कंपनियां इस प्रेशर को और ज्यादा महसूस कर रही हैं। Framework ने दिसंबर के बाद से कई बार अपने प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाई हैं। वहीं, Corsair को कम कीमत पर लिए गए मेमोरी किट प्रीऑर्डर कैंसिल करने पड़े। गेमिंग कंपनी Valve ने भी चेतावनी दी है कि उसके Steam Deck जैसे डिवाइस कुछ मार्केट्स में अस्थायी रूप से स्टॉक से बाहर हो सकते हैं।

पूरी दिक्कत के सेंटर में AI सेक्टर है। Samsung, SK Hynix और Micron जैसे मेमोरी मेकर्स हाई-बैंडविड्थ मेमोरी का बड़ा हिस्सा AI कंपनियों को दे रहे हैं, क्योंकि वे प्रीमियम कीमत चुकाने को तैयार हैं। Microsoft और Meta जैसी दिग्गज कंपनियां बड़े पैमाने पर AI मॉडल ट्रेनिंग के लिए मेमोरी खरीद रही हैं।

अभी लैपटॉप खरीदने में समझदारी

भारत में फिलहाल Amazon और Flipkart जैसे प्लेटफॉर्म्स पर बड़े लेवल का प्राइस हाइक नहीं दिखा है। लेकिन ग्लोबल मार्केट के संकेत साफ हैं कि अगर डिमांड और सप्लाई का यह असंतुलन जारी रहा, तो भारतीय मार्केट भी इससे अछूता नहीं रहेगा। ऐसे में जो ग्राहक नए लैपटॉप खरीदना चाहते हैं, उनके लिए अभी ऑर्डर प्लेस करना ज्यादा समझदारी भरा फैसला हो सकता है, क्योंकि किसी डिस्काउंट का इंतजार करना आगे चलकर महंगा पड़ सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN