Source :- LIVE HINDUSTAN
YES बैंक ने Q4 FY26 में मजबूत और संतुलित प्रदर्शन दिखाया है, जहां लोन 11% और डिपॉजिट 12% बढ़े हैं। डिपॉजिट ग्रोथ ज्यादा होने से CD रेशियो घटकर 85.4% हो गया, जो बैंक की बेहतर फाइनेंशियल स्थिति को दर्शाता है। CASA में बढ़त से मार्जिन मजबूत होने की उम्मीद है। हालांकि CDs के जरिए फंडिंग भी बढ़ी है।
प्राइवेट सेक्टर के प्रमुख बैंक YES बैंक ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4) में ऐसा प्रदर्शन किया है, जो यह संकेत देता है कि बैंक अब धीरे-धीरे स्थिरता की ओर बढ़ रहा है। इस तिमाही में बैंक के लोन (Advances) सालाना आधार पर 11% बढ़कर ₹2.72 लाख करोड़ तक पहुंच गए, जबकि तिमाही दर तिमाही (QoQ) इसमें 6% की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, डिपॉजिट यानी ग्राहकों द्वारा बैंक में जमा राशि 12% YoY बढ़कर ₹3.18 लाख करोड़ हो गई, जो लोन ग्रोथ से ज्यादा तेज है। यह ट्रेंड बैंक के लिए सकारात्मक माना जाता है, क्योंकि ज्यादा डिपॉजिट का मतलब बेहतर फंडिंग और कम जोखिम है।
इस स्ट्रॉन्ग डिपॉजिट ग्रोथ का सीधा असर बैंक के क्रेडिट-डिपॉजिट (Credit-Deposit -CD) Ratio पर भी देखने को मिला, जो घटकर 85.4% पर आ गया है, जबकि पिछली तिमाही में यह 88% था। आसान भाषा में समझें तो बैंक अब अपने पास मौजूद फंड के मुकाबले थोड़ा कम लोन दे रहा है, जिससे उसकी बैलेंस शीट ज्यादा संतुलित और सुरक्षित बन रही है। निवेशकों के लिए यह एक अच्छा संकेत माना जाता है, क्योंकि इससे बैंक की फाइनेंशियल हेल्थ बेहतर दिखती है। बता दें कि YES बैंक के शेयर अभी 17.90 रुपये पर कारोबार कर रहे हैं।
इस तिमाही का एक और बड़ा पॉजिटिव फैक्टर CASA (करंट और सेविंग अकाउंट) डिपॉजिट में जबरदस्त बढ़ोतरी रही। CASA 14.9% सालाना बढ़कर ₹1.11 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जबकि इसका अनुपात भी बढ़कर 35.1% हो गया। CASA डिपॉजिट बैंक के लिए सस्ता फंड होता है, जिससे ब्याज लागत कम होती है और मुनाफा बढ़ाने में मदद मिलती है। इसका मतलब है कि YES बैंक अब अपनी रिटेल डिपॉजिट बेस को मजबूत करने में सफल हो रहा है।
हालांकि, तस्वीर पूरी तरह से परफेक्ट नहीं है। बैंक ने सर्टिफिकेट्स ऑफ डिपॉजिट (Certificates of Deposit (CDs) के जरिए भी काफी फंड जुटाया है, जो ₹990 करोड़ से बढ़कर ₹6,831 करोड़ तक पहुंच गया। इसका मतलब है कि बैंक अभी भी कुछ हद तक महंगे या शॉर्ट-टर्म फंडिंग सोर्स पर निर्भर है। यह एक ऐसा पहलू है, जिस पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
लिक्विडिटी की बात करें तो बैंक की स्थिति मजबूत बनी हुई है। लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (Liquidity Coverage Ratio- LCR) 119% पर है, जो नियामकीय जरूरतों से काफी ऊपर है। कुल मिलाकर Q4 के आंकड़े यह दिखाते हैं कि बैंक की ग्रोथ भले ही बहुत आक्रामक न हो, लेकिन उसकी गुणवत्ता बेहतर हो रही है। मजबूत डिपॉजिट, बेहतर CASA और कंट्रोल CD रेशियो के साथ YES बैंक FY27 में एक संतुलित और टिकाऊ ग्रोथ की दिशा में आगे बढ़ता नजर आ रहा है।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



