Source :- LIVE HINDUSTAN
WhatsApp अब अपने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए एडवांस्ड चैट प्राइवेसी फीचर ला रहा है, जो प्लेटफॉर्म पर प्राइवेसी की एक और परत जोड़ता है। यह फीचर यूजर्स को दूसरों के साथ शेयर की जाने वाली मीडिया फाइल्स को रेसिपेंट्स की गैलरी में खुद-ब-खुद सेव होने से रोकता है।
WhatsApp अपने यूजर्स को सुविधा देने के लिए प्लेटफॉर्म में नए-नए फीचर्स जोड़ रहा है। अब वॉट्सऐप अपने एंड्रॉयड ऐप के लिए एक नया फीचर डेवलप कर रहा है, जो बातचीत में प्राइवेसी की एक और परत जोड़ता है। वॉट्सऐप के नए फीचर ट्रैक करने वाली वेबसाइट WABetaInfo के अनुसार, वॉट्सऐप एक एडवांस्ड चैट प्राइवेसी फीचर ला रहा है, जो यूजर्स को दूसरों के साथ शेयर की जाने वाली मीडिया फाइल्स को रेसिपेंट्स की गैलरी में खुद-ब-खुद सेव होने से रोकता है। यह प्राइवेसी से जुड़े अन्य प्रतिबंध भी प्रदान करता है, जैसे कि पूरी चैट हिस्ट्री के एक्सपोर्ट को रोकना।
ऐसे काम करेगा वॉट्सऐप का एडवांस्ड चैट प्राइवेसी फीचर
वॉट्सऐप फीचर ट्रैकर WABetaInfo के अनुसार, वॉट्सऐप फ्यूचर अपडेट के लिए एडवांस्ड चैट प्राइवेसी फीचर डेवलप कर रहा है। इसे एंड्रॉयड ऐप के लिए वॉट्सऐप बीटा वर्जन 2.25.10.4 में देखा गया था। कहा जा रहा है कि यह फीचर ऑप्शनल है और ऐप की सेटिंग में जाकर इसे ऑन/ऑफ किया जा सकता है। एक बार जब सेंडर इसे ऑन कर देता है, तो रेसिपेंट्स जो किसी चैट में फोटो और वीडियो फाइल्स प्राप्त करता है, वह उन्हें अपने डिवाइस की गैलरी में ऑटोमैटिकली सेव नहीं कर पाएगा।
फीचर ट्रैकर द्वारा शेयर किए गए स्क्रीनशॉट के आधार पर, यदि रेसिपेंट्स मीडिया को सेव करने का प्रयास करता है, तो उन्हें एक पॉप अप दिखाई देगा, जिसमें लिखा होगा:
“एडवांस्ड चैट प्राइवेसी ऑन कर दिया गया है, और यह आपके डिवाइस की गैलरी में मीडिया को ऑटोमैटिक सेव करने से रोकता है।”
इसके अलावा, WABetaInfo ने बताया कि यह प्राइवेसी से जुड़े अन्य प्रतिबंध भी प्रदान कर सकता है। वॉट्सऐप चैट हिस्ट्री के एक्सपोर्ट को ब्लॉक कर सकता है, जिसमें उन यूजर्स के मैसेज शामिल हैं जिन्होंने एडवांस्ड चैट प्राइवेसी फीचर को एक्टिवेट किया है। इसके अलावा, यह उसी चैट में प्रतिभागियों को मेटा एआई – वॉट्सऐप के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) चैटबॉट के साथ बातचीत करने से रोक देगा।
विशेष रूप से, वॉट्सऐप में डिसअपीयरिंग (गायब होने वाले) मैसेज को इनेबल करने पर भी ऐसे ही फीचर मौजूद होते है, लेकिन अपकमिंग फीचर स्टैंडर्ड चैट में भी समान स्तर की प्राइवेसी ला सकता है।
WABetaInfo का कहना है कि यह नया फीचर अभी भी डेवलपमेंट फेज में है और यह गूगल प्ले बीटा प्रोग्राम के जरिए रजिस्टर्ड बीटा टेस्टर्स के लिए भी उपलब्ध नहीं है। हालांकि, यह ध्यान देने वाली बात है कि इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म भले ही अलग-अलग प्लेटफॉर्म के लिए कई नए फीचर्स पर काम कर रहा हो, लेकिन उनमें से सभी पब्लिक रिलीज तक नहीं पहुंच पाते हैं।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN