Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिकी राजदूत को ट्रंप प्रशासन की उन टिप्पणियों के संबंध में बुलाया गया था, जिन पर फ्रांस ने आपत्ति जताई थी। फ्रांसीसी राजनयिकों ने बताया कि कुशनर बैठक में उपस्थित नहीं हुए और वे इससे पहले भी एक बार उपस्थित नहीं हुए थे।
नाटो के सदस्य देशों और अमेरिका के बीच की लड़ाई वैश्विक स्तर पर सामने आने के बाद अब अमेरिका और उसके साथी फ्रांस के बीच महासंग्राम शुरू हो गया है। फ्रांस के विदेश मंत्री ने मंगलवार को कहा है कि पेरिस में तैनात शीर्ष अमेरिकी राजनयिक को फ्रांसीसी समन की अवहेलना के लिए स्पष्टीकरण देना होगा, जिसके बाद पिछले कुछ दिनों से जारी विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया।
फ़्रांसिसी विदेश मंत्री ने संकेत दिया है कि जब तक अमेरिकी राजदूत चार्ल्स कुशनर बात नहीं मानते, तब तक उन्हें फ्रांस के सरकारी अधिकारियों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे पहले फ्रांसीसी अधिकारियों ने सोमवार शाम को कुशनर को मुलाकात के लिए बुलाया था।
बता दें कि कुशनर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और सलाहकार जेरेड कुशनर के पिता हैं। अमेरिकी राजदूत को ट्रंप प्रशासन की उन टिप्पणियों के संबंध में बुलाया गया था, जिन पर फ्रांस ने आपत्ति जताई थी। हालांकि फ्रांसीसी राजनयिकों ने बताया कि कुशनर बैठक में उपस्थित नहीं हुए।
फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां-नोइल बैरो ने मंगलवार को कुशनर द्वारा बैठक में शामिल ना होने को ‘एक हैरानी भरा कदम’ बताया, जो राजनयिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन है और इससे राजदूत के रूप में कुशनर की कार्य क्षमता पर असर पड़ेगा। बैरो ने सार्वजनिक प्रसारक ‘फ्रांस इन्फो’ से कहा, “इससे स्वाभाविक रूप से हमारे देश में उनकी अपने मिशन का काम करने की क्षमता प्रभावित होगी।” उन्होंने कहा, “जब वह स्पष्टीकरण दे देंगे, तब उन्हें फ्रांस में सरकार के सदस्यों से दोबारा मिलने की अनुमति मिल जाएगी।”
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