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US ने बना लिया ‘शाहेद ड्रोन’ का क्लोन, खाड़ी देशों पर कर रहा हमला; ईरान का बड़ा दावा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान के शाहेद ड्रोन का क्लोन बना लिया है। अमेरिका और इजरायल इसी ड्रोन के जरिए खाड़ी देशों पर हमला करके इसका आरोप ईरान पर लगा देते हैं।

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध लगातार खतरनाक हो रहा है। अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान को निशाना बना रहे हैं, तो वहीं तेहरान पलटवार करते हुए खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और सहयोगियों को निशाना बना रहा है। इन सब के बीच अब ईरान की तरफ से दावा किया गया है कि खाड़ी देशों में रहवासी क्षेत्रों पर होने वाले हमले उसके द्वारा नहीं, बल्कि अमेरिका द्वारा किए जा रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि तेहरान पश्चिम एशिया के देशों के नागरिक क्षेत्रों पर हुए हमले की जांच करवाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि ईरान की तरफ से इन देशों में केवल अमेरिकी ठिकानों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है।

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अरब बेवसाइट अल अरबी अल जादीद को दिए इंटरव्यू में अराघची ने खाड़ी देशों के रहवासी इलाकों में हुए हमलों के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “अमेरिकियों ने हमारे शाहेद ड्रोन जैसा ही एक ड्रोन बनाया है। उसका नाम उन्होंने LUCAS रखा है। यह लगभग पूरी तरह से शाहेद जैसा ही है, इसी के जरिए अमेरिका और इजरायल मिलकर अरब देशों पर हमला कर रहे हैं।

इससे पहले अराघची ने टेलीग्राम पर दिए अपने संदेश में भी कहा था कि इजरायल, अरब देशों के रहवासियों पर हमला करके इसका आरोप ईरान पर लगा रहा है, ताकि अरब और ईरान के संबंधों को खराब किया जा सके। उन्होंने कहा, “हम अरब देशों के साथ मिलकर एक जांच समिति बनाने के लिए तैयार हैं, जो इन हमलों की जांच करे। हमारे हमले केवल अरब क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और हितों पर केंद्रित हैं।” उन्होंने आगे कहा कि, “अब तक ईरान ने अरब क्षेत्र के किसी भी देश में नागरिक या रिहायशी इलाकों को निशाना नहीं बनाया है।”

गौरतलब है कि युद्ध के शुरू होने के बाद ईरान के शाहेद ड्रोन अमेरिका, इजरायल और खाड़ी देशों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। यह ड्रोन लंबी दूरी करके और बड़ी मात्रा में विस्फोटक लेकर रडार को चकमा देने में सक्षम हैं। इस ड्रोन की औसतन कीमत करीब 20 से 50 हजार डॉलर के आसपास है। इस ड्रोन को रोकने के लिए अमेरिका को अपने एयरडिफेंस की लाखों डॉलर की मिसाइल को फायर करना पड़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक ईरान का यह ड्रोन यूक्रेन युद्ध में आजमाया गया हथियार है और तेहरान के पास यह बड़ी मात्रा में उपलब्ध हैं। ऐसे में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दावा किया था कि इस ड्रोन को रोकने के लिए अमेरिका समेत करीब 10 देशों ने मदद मांगी है, जिसके लिए वह तैयार हैं। हालांकि इसके साथ ही उन्होंने युद्ध के लिए हथियार और पैसों की भी मांग की। डोनाल्ड ट्रंप से जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने ऐसी किसी भी बात से इनकार करते हुए कहा कि ईरान से निपटने के लिए जेलेंस्की आखिरी व्यक्ति होंगे, जिनसे अमेरिका मदद मांगेगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN