Source :- LIVE HINDUSTAN
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के मुताबिक अगर तीन साल तक पीएफ अकाउंट में निवेश नहीं होता है तब भी सरकार की ओर से ब्याज दिया जाएगा। ईपीएफओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसके बारे में अच्छे से समझाया है।
नौकरीपेशा लोगों को ईपीएफ अकाउंट की अहमियत के बारे में बखूबी जानकारी होगी। यह पब्लिक और प्राइवेट, दोनों सेक्टर के कर्मचारियों को रिटायरमेंट के लिए पैसे बचाने की सुविधा देता है। इसमें कर्मचारियों का पैसा न सिर्फ सुरक्षित रहता है बल्कि उन्हें सरकार की ओर से ब्याज भी मिलता रहता है। अब ईपीएफ की बॉडी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने एक ऐसी जानकारी दी है, जिसके बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं। EPFO ने बताया कि अगर तीन साल तक पीएफ अकाउंट में निवेश नहीं होता है तब भी सरकार की ओर से ब्याज दिया जाएगा। आइए डिटेल में समझ लेते हैं।
क्या कहा ईपीएफओ ने?
ईपीएफओ ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर बताय कि अगर आप 55 साल की उम्र से पहले रिटायर हो गए तो आपके ईपीएफ पर 58 साल की उम्र तक ब्याज मिलता रहेगा, उसके बाद यह इनऑपरेटिव हो जाएगा और इस पर ब्याज मिलना बंद हो जाएगा। इसका मतलब है कि समय पर अपने खाते का उपयोग या निकासी न करने पर कर्मचारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ईपीएफओ के मुताबिक 55 साल की उम्र में या उसके बाद रिटायर होने की स्थिति में आपके ईपीएफ पर रिटायरमेंट की तारीख से 3 साल तक ब्याज मिलता रहेगा, उसके बाद यह इनऑपरेटिव हो जाएगा और इस पर ब्याज मिलना बंद हो जाएगा। ईपीएफओ के मुताबिक इस फैसले का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से निष्क्रिय पड़े खातों को व्यवस्थित करना और कर्मचारियों को समय रहते अपने फंड का उपयोग करने के लिए जागरूक करना है।
बता दें कि बीते दिनों ईपीएफओ के निर्णय लेने वाले शीर्ष निकाय सीबीटी के बोर्ड ने निष्क्रिय खातों के सैटलमेंट के लिए 1,000 रुपये या उससे कम की राशि वाले निष्क्रिय ईपीएफओ खातों में क्लेम सैटलमेंट की स्वतः शुरुआत को एक पायलट परियोजना को मंजूरी दी थी। पायलट परियोजना की सफलता के आधार पर इस सुविधा को बाद के चरणों में 1,000 रुपये से अधिक की राशि वाले खातों तक बढ़ाया जाएगा, जिससे ईपीएफओ में सदस्य-केंद्रित सुधारों को और मजबूती मिलेगी।
कितनी है ब्याज दर
ईपीएफ पर 2025-26 के लिए ब्याज दर 8.25 प्रतिशत पर बरकरार रखी गई है। यह लगातार तीसरा वर्ष है जब ब्याज दर को इस स्तर पर रखा गया है। पिछले वर्ष फरवरी में, ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 8.25 प्रतिशत ब्याज दर को बरकरार रखा था। ईपीएफओ ने 2024 में ब्याज दर को बढ़ाकर 2023-24 के लिए 8.25 प्रतिशत कर दिया था, जो 2022-23 में 8.15 प्रतिशत थी।
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