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Oral Cancer Symptoms: शारिब हाशमी की पत्नी को 6वीं बार हुआ कैंसर, जानें कैसे पहचानें शुरुआती लक्षण?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Oral Cancer Symptoms: एक्टर शारिब हाशमी की पत्नी को छठी बार कैंसर हो गया है। ओरल कैंसर होने के बाद वह 5 सर्जरी करा चुकी हैं, जिससे उनका चेहरा और आवाज बदल गई। आज हम इस आर्टिकल में जानेंगे कि ओरल कैंसर कैसे होता है और ये क्यों लौटता है? 

Oral Cancer Symptoms: एक्टर शारिब हाशमी (Sharib Hashmi) की पत्नी नसरीन हाशमी (Nasreen Hashmi) छठी बार कैंसर से जूझ रही हैं। इससे पहले वह 5 सर्जरी करा चुकी हैं। ओरल कैंसर की लगातार सर्जरी की वजह से उनके चेहरे का लुक और बोलने का तरीका तक बदल चुका है, लेकिन अब एक बार फिर यह खतरनाक बीमारी लौट आई है। एक इंटरव्यू में शारिब हाशमी ने बताया कि इस बार कैंसर काफी आक्रामक तरीके से वापस आया है और शरीर के कई हिस्सों तक फैल चुका है। अक्सर लोगों को लगता है कि ओरल कैंसर सिर्फ तंबाकू या सिगरेट का सेवन करने वालों को ही होता है, जबकि ऐसा जरूरी नहीं है। तंबाकू का सेवन न करने वाले लोग भी इस बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। इसलिए इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं ओरल कैंसर के शुरुआती संकेत, इसके बचाव के तरीके और आखिर यह बीमारी बार-बार क्यों लौट आती है।

  • वापिस क्यों लौटता है ओरल कैंसर

ऑन्कोलॉजिस्ट डॉक्टर कनुज मलिक का कहना है कि सर्जरी के दौरान वहां दिख रही कैंसर सेल्स को निकाल दिया जाता है लेकिन जो सेल्स डिटेक्ट नहीं हो पाती वही दोबारा फैल जाती है और फिर नई जगह पर ये बीमारी बन जाती है। डॉक्टर को कहना है कि जब मुंह का कैंसर बार-बार होता है, तो इसका मतलब है कि कैंसर कोशिकाएं या तो इलाज से बच गई हैं या समय के साथ फिर से विकसित हो गई हैं। ओरल कैंसर दोबारा उसी जगह, आसपास के टिश्यू, लिम्फ नोड्स या शरीर के दूसरे अंगों में भी फैल सकता है। यही कारण है कि डॉक्टर्स सिर और गर्दन के कैंसर में डॉक्टर सेकेंड प्राइमरी कैंसर पर भी नजर रखते हैं। मुंह के कैंसर के कई केसेस में ये लौटता ही है। जिन लोगों को तंबाकू-गुटखा के कारण ये होता है और वह बीमारी होने के बाद भी खाते रहते हैं, तो उन्हें ये दोबारा जल्दी होता है।

  • शुरुआती लक्षण क्या होते हैं

ओरल कैंसर एक छोटे से छाले से भी शुरू हो सकता है। यही वजह है कि लोगों को इसके बारे में सचेत किया जाता है। ऑन्कोलॉजिस्ट का कहना है कि कई बार लोग मुंह के छालों, दानों को हल्के में लेते हैं और फिर यही बड़ी बीमारी का कारण बनती है। अगर कोई भी लक्षण आपको लगातार 3-4 हफ्ते तक बना हुआ है, तो फौरन डॉक्टर से सलाह लें। यहां जानें किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

– मुंह में घाव या छाले का ठीक न होना

-सफेद या लाल धब्बे होना

-जीभ या गाल में गांठ या मोटापन महसूस होना

-चबाने या निगलने में दिक्कत होना

-मुंह खोलने में दर्द या जकड़न महसूस होना

-आवाज में बदलाव होना

  • बचाव के तरीके क्या हैं

ओरल कैंसर से बचना चाहते हैं, तो स्मोकिंग, गुटखा जैसी चीजों को न खाएं और ओरल हाइजीन का खास ख्याल रखें। कई बार हाइजीन का कारण भी इस बीमारी को जगह देती है। इसके अलावा आपका खान-पान सही होना चाहिए। यहां कुछ तरीके जानें-

– सिगरेट-गुटखा खाने वाले लोगों को रेगुलर हेल्थ चेकअप कराना चाहिए।

– मौसमी फल-सब्जियां, हरी सब्जियां और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आहार शामिल करें। इससे इम्यूनिटी बढ़ती है।

– रोजाना दिन में दो बार ब्रश करें और मुंह की सफाई का ध्यान रखें।

– मुंह में छाले या घाव होने जैसे लक्षणों को इग्नोर बिल्कुल न करें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN