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NSE आईपीओ पर बड़ा अपडेट, मर्चेंट बैंकर से कानूनी फर्म तक की हो गई नियुक्ति

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Source :- LIVE HINDUSTAN

एनएसई की आईपीओ समिति की गुरुवार को हुई बैठक में इन नियुक्तियों को मंजूरी दी गई। इस समिति की अध्यक्षता श्रीनिवास इंजेती कर रहे हैं। एनएसई के निदेशक मंडल की फरवरी में हुई बैठक में आईपीओ लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्णय के बाद ये नियुक्तियां की गई हैं।

NSE IPO news: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) का इंतजार कर रहे हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, कंपनी ने अपने आईपीओ के प्रबंधन के लिए 20 मर्चेंट बैंकरों, कई कानूनी फर्मों और अन्य मध्यस्थों की नियुक्ति की है। एनएसई की आईपीओ समिति की गुरुवार को हुई बैठक में इन नियुक्तियों को मंजूरी दी गई। इस समिति की अध्यक्षता श्रीनिवास इंजेती कर रहे हैं। एनएसई के निदेशक मंडल की फरवरी में हुई बैठक में आईपीओ लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्णय के बाद ये नियुक्तियां की गई हैं। बता दें कि प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह मौजूदा शेयरधारकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के रूप में होगा और इसमें नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे।

कौन-कौन है मर्चेंट बैंकर?‌

नियुक्त मर्चेंट बैंकरों में कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, जेएम फाइनेंशियल, एक्सिस कैपिटल, आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज, मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स, नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट, एचडीएफसी बैंक, मॉर्गन स्टेनली इंडिया, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया, जेपी मॉर्गन इंडिया, एचएसबीसी सिक्योरिटीज एवं आनंद राठी एडवाइजर्स शामिल हैं। इसके अलावा आठ विधि फर्मों को भी इस इश्यू के कानूनी मामलों की देखरेख के लिए चुना गया है। इनमें सिरील अमरचंद मंगलदास, खेतान एंड कंपनी, लाथम एंड वाटकिंस एलएलपी और ट्राईलीगल शामिल हैं। अन्य नियुक्त मध्यस्थों में एमयूएफजी इनटाइम इंडिया, मकरंद एम जोशी एंड कंपनी, कांसेप्ट कम्युनिकेशन और रेडसियर स्ट्रैटजी कंसल्टेंट्स शामिल हैं।

मर्चेंट बैंकरों की नियुक्ति पर एनएसई ने क्या कहा?

एनएसई ने एक बयान में कहा कि मध्यस्थों का चयन एक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के तहत किया गया है, जो आईपीओ समिति द्वारा स्वीकृत मूल्यांकन ढांचे पर आधारित था। एनएसई ने कहा कि ये सभी मध्यस्थ नियामकीय फाइलिंग, जरूरी जांच-पड़ताल, दस्तावेज तैयार करने, विपणन और प्रस्तावित सार्वजनिक निर्गम के क्रियान्वयन में सहायता करेंगे।

जनवरी में मिला था एनओसी

इससे पहले जनवरी में बाजार नियामक सेबी ने एनएसई को एनओसी यानी अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कर एक दशक से अधिक समय से लंबित सूचीबद्धता योजना को आगे बढ़ाने की अनुमति दी थी। दरअसल, एनएसई ने वर्ष 2016 में मौजूदा शेयरधारकों द्वारा लगभग 10,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए प्रारूप दस्तावेज दाखिल किए थे, लेकिन संचालन से जुड़ी चिंताओं और को-लोकेशन मामले के कारण सेबी ने मंजूरी रोक दी गई थी। प्रस्तावित आईपीओ भारतीय पूंजी बाजार के सबसे बड़े इश्यू में से एक हो सकता है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई के लगभग 1.77 लाख शेयरधारक हैं और इसका मूल्यांकन पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN