Home व्यापार समाचार NPS वालों के लिए बड़ा अपडेट! कर्मचारियों के पेंशन और अतिरिक्त पैसों...

NPS वालों के लिए बड़ा अपडेट! कर्मचारियों के पेंशन और अतिरिक्त पैसों से जुड़ा मामला, आ गई ये नई स्कीम

11
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

PFRDA ने NPS सब्सक्राइबर्स के लिए नई RIS (Retirement Income Scheme) लॉन्च की है। अब रिटायरमेंट के बाद लोग अपनी पूरी रकम एक साथ निकालने के बजाय हर महीने, तिमाही या सालाना नियमित भुगतान ले सकेंगे। इससे पेंशन फंड लंबे समय तक सुरक्षित रहेगा और बाजार से जुड़े रिटर्न का फायदा भी मिलता रहेगा।

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के करोड़ों खाताधारकों के लिए पेंशन रेगुलेटर PFRDA (पेनशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण) ने एक बहुत बड़ी और राहत भरी खुशखबरी दी है। 15 मई 2026 को जारी एक नए सर्कुलर के जरिए रेगुलेटर ने रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले पैसे के नियमों में एक क्रांतिकारी बदलाव किया है। अब नई रिटायरमेंट इनकम स्कीम (Retirement Income Scheme – RIS) और ड्रॉडाउन (Drawdown) विकल्प के तहत रिटायर होने वाले कर्मचारी अपने इकट्ठा हुए फंड (Corpus) को एक साथ निकालने के बजाय उसे NPS में ही निवेश रखकर हर महीने या हर साल नियमित किश्तों में पैसा पा सकते हैं। यह बिल्कुल वैसा ही काम करेगा जैसे म्यूचुअल फंड में SWP (सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान) काम करता है। आइए इस नए नियम को आसान शब्दों में समझते हैं।

अभी तक क्या था नियम और अब क्या बदला?

पुरानी व्यवस्था के अनुसार, जब कोई व्यक्ति 60 साल की उम्र में रिटायर होता था, तो उसे अपने कुल जमा फंड का कम से कम 40% हिस्सा एन्युटी (Annuity) यानी हर महीने फिक्स पेंशन पाने के लिए किसी इंश्योरेंस कंपनी के पास छोड़ना पड़ता था, बाकी बचा 60% हिस्सा टैक्स-फ्री (Tax-free) होता था, जिसे कर्मचारी अमूमन एक बार में ही पूरा बाहर निकाल लेता था।

नया बदलाव क्या है?

अब नए नियम के तहत आप उस 60% हिस्से को भी एक बार में निकालने के बजाय NPS में ही निवेश रहने दे सकते हैं। PFRDA ने साफ किया है कि इस नए नियम से अनिवार्य एन्युटी (20% या 40% फिक्स पेंशन वाला नियम) पर कोई असर नहीं पड़ेगा, वह वैसे ही चलती रहेगी। यह नई स्कीम आपके बचे हुए 60% फंड को और बढ़ाने और उससे नियमित इनकम पाने के लिए है।

क्या है ‘RIS Steady’ और इसका ‘ग्लाइड पाथ’ फॉर्मूला?

चूंकि रिटायरमेंट के बाद पैसों का सुरक्षित रहना जरूरी है, इसलिए PFRDA ने ‘RIS Steady’ नाम से एक खास निवेश मॉडल तैयार किया है। इसके तहत उम्र बढ़ने के साथ-साथ आपके पैसे का जोखिम (Equity/शेयर बाजार में निवेश) अपने आप कम होता जाएगा।

60 साल की उम्र तक:- आपके फंड का 35% हिस्सा शेयर बाजार (Equity) में रहेगा।

75 साल की उम्र तक:- यह धीरे-धीरे घटकर केवल 10% रह जाएगा।

75 से 85 वर्ष की उम्र तक:- यह 10% के सुरक्षित स्तर पर ही बना रहेगा।

इस फॉर्मूले का फायदा यह है कि रिटायरमेंट के बाद भी आपके फंड को शेयर बाजार की ग्रोथ का फायदा मिलता रहेगा, जिससे आपकी पेंशन पर महंगाई (Inflation) का असर नहीं पड़ेगा।

पैसे निकालने के 2 जादुई तरीके: SPR और SUR

रिटायरमेंट के बाद आप इन दो तरीकों में से किसी एक को चुनकर नियमित पैसे पा सकते हैं।सिस्टमैटिक पेआउट रेट (SPR) में आपकी उम्र और आपके द्वारा चुनी गई अंतिम उम्र (अधिकतम 85 वर्ष) के आधार पर हर महीने एक निश्चित प्रतिशत पैसा आपको मिलता रहेगा। वहीं, सिस्टमैटिक यूनिट रिडेम्पशन (SUR) में हर महीने आपके फंड से निश्चित संख्या में ‘यूनिट्स’ बेची जाएंगी।

उदाहरण से समझिए

मान लीजिए आपके पास ₹80 लाख का फंड बचा है और एक यूनिट की कीमत (NAV) ₹10 है, यानी आपके पास कुल 8 लाख यूनिट्स हैं। अगर आप अगले 25 साल (300 महीने) तक हर महीने पैसा चाहते हैं, तो हर महीने आपके खाते से 2,666.67 यूनिट्स (8,000,000 / 300) बेची जाएंगी। उस समय बाजार में जो भी NAV का रेट होगा, उतना पैसा हर महीने सीधे आपके बैंक खाते में आ जाएगा।

एक जरूरी सावधानी

चूंकि आपका पैसा अभी भी बाजार (मार्केट-लिंक्ड) में निवेश रहेगा, इसलिए PFRDA ने साफ किया है कि इसमें मिलने वाले पेआउट की रकम फिक्स या गारंटीड नहीं होगी। बाजार के उतार-चढ़ाव के हिसाब से आपकी मासिक रकम थोड़ी-बहुत कम या ज्यादा हो सकती है।

रिटायर होने वालों के लिए फायदे का सौदा?

महंगाई से सुरक्षा:- पारंपरिक पेंशन स्कीम्स में बहुत कम और फिक्स रिटर्न मिलता है, जिससे महंगाई का सामना करना मुश्किल होता है। इस स्कीम से आपका पैसा बढ़ता रहेगा।

फंड मैनेजर बदलने की आजादी:-आप रिटायरमेंट के बाद भी हर दो वित्तीय वर्ष में एक बार अपना पेंशन फंड मैनेजर बदल सकते हैं।

लंबी उम्र के लिए सुरक्षा:- आजकल जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) बढ़ रही है। एक साथ पूरा पैसा निकालने पर लोग उसे जल्दी खर्च कर देते हैं, लेकिन यह स्कीम सुनिश्चित करेगी कि आपके पास 85 वर्ष की उम्र तक पैसों की कमी न हो।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN