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MSME सेक्टर के लिए मोदी सरकार की तैयारी, करोड़ों कारोबारियों को मिलेगी खुशखबरी!

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Source :- LIVE HINDUSTAN

केंद्र सरकार ने MSME सेक्टर के लिए बड़ी तैयारी कर ली है। MSME को सहायता देने के लिए आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ECLGS) जैसी ऋण गारंटी योजना की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।

केंद्र सरकार ने MSME सेक्टर के लिए बड़ी तैयारी कर ली है। दरअसल, सूक्ष्म, लघु एवं मझोला उद्यम मंत्रालय पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच MSME को सहायता देने के लिए आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ECLGS) जैसी ऋण गारंटी योजना की संभावनाओं पर विचार करने के लिए वित्तीय सेवा विभाग के संपर्क में है।

सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों (MSME) के लिए ऋण गारंटी योजना पर विचार किए जाने के संबंध में एमएसएमई मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव रजनीश ने कहा-हम ECLGS जैसी व्यवस्था के संबंध में वित्तीय सेवा विभाग के साथ संपर्क में हैं। उचित समय आने पर मैं इस बारे में और अधिक जानकारी साझा कर पाऊंगा।

कोविड के दौर में आई थी योजना

बता दें कि ECLGS मई, 2020 में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत शुरू की गई थी। इसका मकसद कोविड-19 महामारी के कारण बाधाओं के संदर्भ में पात्र MSME को उनकी देनदारियों को पूरा करने और अपने कामकाज को दोबारा शुरू करने में सहायता प्रदान करना था। इस योजना के दायरे में सभी क्षेत्र शामिल हैं।

रजनीश ने कहा कि मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारी घरेलू थोक और कच्चा माल उपलब्ध कराने के लिए MSME संगठनों और राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा- पिछले तीन महीनों में एक लाख टन से अधिक कच्चा माल उपलब्ध कराया गया है। अगर हम मार्च के आंकड़ों को सालाना आधार पर देखें तो इसमें 12.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रजनीश ने कहा कि MSME मंत्रालय सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है। MSME को समर्थन देने के लिए मंत्रालय स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है।

उन्होंने कहा कि मंत्रालय केंद्र, राज्य और अन्य स्तर पर सभी MSME संगठनों के साथ नियमित रूप से परामर्श बैठकें कर रहा है और मंत्रालय के सभी क्षेत्रीय कार्यालय उनसे लगातार संपर्क में हैं। अतिरिक्त सचिव ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, फरवरी और मार्च में मंत्रालय के उद्यम पोर्टल पर 20 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

MSME की 8 करोड़ संख्या

उन्होंने कहा- वर्तमान में रजिस्टर्ड MSME की कुल संख्या 8 करोड़ से अधिक हो गई है। यह भारत के MSME क्षेत्र की मजबूती का संकेत है। रजनीश ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों में कर्ज प्रवाह हमारे प्रमुख कार्यक्षेत्रों में से एक है और मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि छोटे उद्यमों के पास बकाया लोन 36.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। पिछली तिमाही, जनवरी, फरवरी और मार्च में छोटे कारोबार को दिए गए कर्ज का फ्लो में 23.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

उन्होंने यह भी बताया कि आरबीआई ने सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए बिना गारंटी वाले लोन की सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी है। यह एक अप्रैल, 2026 से प्रभावी है। अधिकारी ने कहा कि फरवरी और मार्च में, हमने सूक्ष्म और लघु उद्यमों को कुल 5.27 लाख से अधिक की ऋण गारंटी दी है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN