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LPG संकट से ढाबे और रेस्टोरेंट के बंद होने की नौबत, सरकार ने बनाया टास्क फोर्स

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Source :- LIVE HINDUSTAN

भारत में हर साल लगभग 313 लाख टन एलपीजी की खपत होती है। इसमें से 87 प्रतिशत हिस्सा घरेलू रसोई में इस्तेमाल होता है, जबकि 13 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में खपत होता है। कुल मांग का 62 प्रतिशत आयात से पूरा किया जाता है।

LPG Crisis: तेल मंत्रालय ने व्यावसायिक एलपीजी गैस की अचानक कमी को देखते हुए एक समिति का गठन किया है। होटल और रेस्टोरेंट उद्योग में यह कमी गहरा संकट पैदा कर रही है। रेस्टोरेंट एसोसिएशनों ने आगाह किया है कि अगर सप्लाई बहाल नहीं हुई तो कुछ ही दिनों में खाने-पीने के ढाबे और रेस्टोरेंट बंद हो सकते हैं।

कैसे शुरू हुआ संकट?

मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्घ के कारण ईंधन की सप्लाई प्रभावित हुई है। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से भारत को सऊदी अरब जैसे देशों से होने वाला 85-90 प्रतिशत एलपीजी आयात ठप हो गया है। इस वजह से सरकार ने घरेलू रसोई गैस की सप्लाई को प्राथमिकता दी है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट के लिए बाजार भाव वाली व्यावसायिक गैस की किल्लत बढ़ गई है।

समिति की भूमिका क्या होगी?

मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि तेल विपणन कंपनियों के तीन कार्यकारी निदेशकों की एक समिति बनाई गई है। यह समिति रेस्टोरेंट, होटल और अन्य उद्योगों को एलपीजी सप्लाई से जुड़े मामलों की समीक्षा करेगी।

कितनी बड़ी है एलपीजी की खपत?

भारत में हर साल लगभग 313 लाख टन एलपीजी की खपत होती है। इसमें से 87 प्रतिशत हिस्सा घरेलू रसोई में इस्तेमाल होता है, जबकि 13 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में खपत होता है। कुल मांग का 62 प्रतिशत आयात से पूरा किया जाता है।

सरकार ने उठाए ये कदम

तेल मंत्रालय ने हाल के दिनों में रिफाइनरियों को पेट्रोकेमिकल उत्पादन कम करके एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, घरेलू गैस सिलेंडर बुकिंग की अवधि 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है, ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्रों को आयातित एलपीजी की सप्लाई प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है।

उद्योग पर क्या असर पड़ रहा है?

PTI के उद्योग सूत्रों के अनुसार, मुंबई और बेंगलुरु में इस सप्लाई व्यवधान का असर पहले ही दिखने लगा है। इंडिया होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय शेट्टी का कहना है कि यह कमी तेजी से फैल रही है और जल्द ही पूरे क्षेत्र को ठप कर सकती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN