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LPG, पेट्रोल-डीजल से लेकर महंगाई तक, क्रूड ऑयल ने लिया U-टर्न, लोगों ने ली राहत की सांस

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Crude Oil Price: बीते कुछ दिनों से कच्चे तेल की कीमतों में मानों सी लग गई हो। क्रूड ऑयल का भाव लगातार बढ़ रहा था। लेकिन एक बार फिर से क्रूड ऑयल ने यूटर्न लिया है। जिसकी वजह से दाम 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है।

Crude Oil Price: बीते कुछ दिनों से कच्चे तेल की कीमतों में मानों सी लग गई हो। क्रूड ऑयल का भाव लगातार बढ़ रहा था। लेकिन एक बार फिर से क्रूड ऑयल ने यूटर्न लिया है। जिसकी वजह से दाम 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। भारत के नजरिए से देखें तो इस हजारों करोड़ रुपये की बचत होगी। बता दें, सोमवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल फ्यूचर का रेट 119.50 डॉलर प्रति बैरल था।

सोमवार को उच्चतम स्तर की तुलना में ब्रेंट क्रूड ऑयल का रेट 26.27 प्रतिशत गिर चुका है। आज मंगलवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल 88.10 डॉलर प्रति बैरल बिक रहा है। एक महीना पहले यह 70 डॉलर प्रति बैरल के नीचे था। यानी एक बार फिर से कीमतें सामान्य हो रही हैं।

कीमतों में क्यों आई गिरावट?

ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्लादिमीर पुतिन बीच फोन पर बातचीत हुई है। दोनों नेता इस युद्ध को समाप्त करने को लेकर एक पक्ष में दिखे। सीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि युद्ध लगभग पूरा हो चुका है। बता दें, पहले उम्मीद की जा रही थी कि यह युद्ध 4 हफ्तों तक जारी रहेगा। अगर ऐसा होता है तब की स्थिति में कच्चे तेल को लेकर पूरी दुनिया में अफरतफरी मच सकती है।

युद्ध की वजह से प्रोडक्शन में होने लगी थी कटौती

अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता प्रभावित हुआ है। जिसके बाद लगभग सभी मिडिल ईस्ट के देशों ने ऑयल प्रोडक्शन में कटौती थी। ईराक का प्रोडक्शन 70 प्रतिशत की कटौती के बाद 1.3 मिलियन प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। वहीं, कुवैत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने भी प्रोडक्शन में कटौती की है।

पेट्रोल-डीजल से लेकर LPG के मोर्चे पर राहत

यह युध्द अगर जल्दी समाप्त होता है तो भारत के नजरिए से राहत भरी खबर होगी। भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। उसमें से भी बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से आता है। ऐसे में अगर स्थिति सामान्य होती है तब भारत को सस्ता और समय से कच्चा तेल उपलब्ध हो सकेगा। इसके अलावा एलएनजी की भी आपूर्ति हो सकेगी।

एक तरफ जहां भारत का पैसा बचेगा। तो वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल और एलपीजी के लिए लोगों में जो बेचैनी है उससे भी मुक्ति मिलेगी। देश में इन एनर्जी प्रोडक्ट्स की कमी नहीं हो पाएगी।

महंगाई रहेगी नियंत्रण में

कच्चे तेल की कीमतों का सीधा असर महंगाई पर पड़ता है। जरूरत के सामान महंगे होने लगते हैं। ऐसे में क्रूड ऑयल की कीमतों में का नीचे आना महंगाई के नजरिए से भी काफी अच्छी खबर है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN