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LPG संकट के बीच इंडियन ऑयल का बड़ा फैसला, 8 साल बाद इस देश से की खरीदारी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

सरकार ने एक बार फिर से कहा है कि देश के पास लगभग 60 दिनों का ईंधन भंडार है और पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस (एलपीजी) की कोई कमी नहीं है। सरकार ने ईंधन की कमी की खबरों को जानबूझकर फैलाया गया गलत सूचना अभियान बताया।

भारत में रसोई गैस (LPG) संकट की खबरों के बीच एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। दरअसल, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने लगभग आठ साल में पहली बार ईरान से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) खरीदी है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब आपूर्ति बाधित होने से देश में ईंधन संकट गहराने लगा है। हालांकि, सरकार की ओर से लगातार यह स्पष्ट किया जा रहा है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है।

क्या है मामला?

ब्लूमबर्ग की एक खबर में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि इंडियन ऑयल ने यह एलपीजी कार्गो अपने सरकारी क्षेत्र की अन्य कंपनियों भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के साथ साझा करने का फैसला किया है। जानकारी के अनुसार, यह कार्गो करीब 43,000 टन ब्यूटेन और प्रोपेन का है। हालांकि, यह मात्रा भारत की कुल मांग के लिहाज से बेहद सीमित है और केवल आधे दिन की खपत के बराबर मानी जा रही है। हालांकि, इंडियन ऑयल, BPCL और HPCL ने इस मामले पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। बता दें कि देश अपनी जरूरत का लगभग दो-तिहाई हिस्सा आयात करता है और इसका 90% हिस्सा मध्य-पूर्व से आता है। इसमें भी ज्यादातर हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता रहा है, जो युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग पूरी तरह से बंद हो गया है।

2018 से नहीं हुई थी खरीदारी

डेटा फर्म Kpler के अनुसार, इंडियन ऑयल ने आखिरी बार जून 2018 में ईरान से एलपीजी खरीदी थी। इसके बाद अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते यह व्यापार पूरी तरह बंद हो गया था। अब हाल ही में अमेरिका द्वारा सीमित छूट दिए जाने के बाद भारत ने फिर से ईरानी ऊर्जा संसाधनों की ओर रुख किया है।

देश में ईंधन की कमी नहीं

इस बीच, सरकार ने एक बार फिर से कहा है कि देश के पास लगभग 60 दिनों का ईंधन भंडार है और पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस (एलपीजी) की कोई कमी नहीं है। सरकार ने ईंधन की कमी की खबरों को जानबूझकर फैलाया गया गलत सूचना अभियान बताया, जिसका उद्देश्य लोगों में दहशत पैदा करना है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि देश भर के सभी पेट्रोल पंप पर पर्याप्त स्टॉक है और वे सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। पेट्रोल या डीजल की कोई राशनिंग नहीं की जा रही है। मंत्रालय ने बयान में कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों के परिशोधन के मामले में दुनिया में चौथे और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक भारत, घरेलू ईंधन की उपलब्धता को संरचनात्मक रूप से सुनिश्चित करता है और 150 से अधिक देशों को परिष्कृत ईंधन की आपूर्ति करता है।

मंत्रालय ने कहा कि दो माह की कच्चे तेल की खरीद पहले ही सुनिश्चित होने की वजह से अगले कुछ माह तक भारत के लिए समस्या नहीं है और ऐसी आपूर्ति की स्थिति में रणनीतिक भंडारण में रखी मात्रा का महत्व गौण हो जाता है। मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव के बावजूद कच्चे तेल की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है। जो भी व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, उसकी भरपाई वैकल्पिक स्रोतों से अधिक सरकार ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट और कमी या आपातकालीन उपायों के मनगढ़ंत दावे अनावश्यक चिंता पैदा करने के लिए फैलाए जा रहे हैं। इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN