Source :- LIVE HINDUSTAN
सुबह की शुरुआत हंसी ठहाकों के साथ करने पर ये शरीर और दिमाग के लिए एक ‘नेचुरल बूस्टर’ की तरह काम करता है। सुबह-सुबह खुलकर हंसने पर शरीर में कोर्टिसोल जैसे तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन का स्तर कम हो जाता है। यहां पढ़िए कलीग्स की मजेदार बातचीत वाले जोक्स
ऑफिस में कलीग्स के साथ काम करने का एक अलग मजा है। जैसे-जैसे आप एक साथ समय बिताना शुरू करते है वैसे ही समय केसाथ ये रिश्ता मजबूत हो जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि आप दिन के 8-9 घंटे उनके साथ बिताते हैं, इसलिए यह रिश्ता प्रोफेशनल होने के साथ-साथ थोड़ा सहज होना भी जरूरी है। यहां दो कलीग्स की बतचीत से जुड़े जोक्स हैं, जिन्हें पढ़कर हंसी के ठहाके तो पक्के हैं।
1) पहला कलीग: यार, 10 बज गए, अभी तक काम शुरू नहीं किया?
दूसरा कलीग: भाई, 10 बजे तो मैं ये सोचना शुरू करता हूं कि आज लंच में क्या खाना है!
2) कलीग 1: भाई, तू ऑफिस में इतना खुश कैसे रहता है?
कलीग 2: बस एक छोटा सा सीक्रेट है… मैं घर की टेंशन ऑफिस में भूल जाता हूं और ऑफिस की टेंशन के समय ‘इंस्टाग्राम’ खोल लेता हूं।
3) पहला कलीग: मंडे और संडे में क्या फर्क है?
दूसरा कलीग: संडे को नींद पूरी होती है, और मंडे को नींद ‘ऑफिस की डेस्क’ पर पूरी होती है।
4) कलीग 1: तुझे प्रमोशन मिल गया, अब तो पार्टी दे!
कलीग 2: भाई, सैलरी सिर्फ 2000 बढ़ी है और जिम्मेदारियां 2 लाख वाली मिली हैं। पार्टी तू दे, तू अभी भी सुखी है।
5) कलीग: वर्क-लाइफ बैलेंस क्या होता है?
दोस्त: जब तुम ऑफिस में बैठकर घर वालों के फोन काटो और घर जाकर ऑफिस वालों के फोन इग्नोर करो।
6) कलीग 1: मुझे नया लैपटॉप मिला है।
कलीग 2: वाह! कॉन्फ़िगरेशन क्या है?
कलीग 1: बस इतना कि ब्राउज़र खोलते ही ‘हैंग’ नहीं होता, बाकी काम तो इसमें भी नहीं होता।
7) कलीग 1: बॉस ने छुट्टी दे दी?
कलीग 2: हाँ, मैंने कह दिया कि मेरी शादी हो रही है।
कलीग 1: पर तेरी शादी तो हो चुकी है!
कलीग 2: तो क्या हुआ, बॉस को थोड़ी याद रहता है!
8) कलीग 1: कल मेरी फेयरवेल पार्टी है, जरूर आना।
कलीग 2: खाना अच्छा होगा तो ही आऊंगा, वरना ऑफिस में तो तूने वैसे भी कभी कुछ अच्छा नहीं दिया!
9) कलीग 1: भाई, तू ऑफिस में इतना खुश कैसे रहता है?
कलीग 2: बस एक छोटा सा सीक्रेट है… मैं घर की टेंशन ऑफिस में भूल जाता हूं और ऑफिस की टेंशन के समय ‘इंस्टाग्राम’ खोल लेता हूँ।
10)पहला कलीग: यार, 10 बज गए, अभी तक काम शुरू नहीं किया?
दूसरा कलीग: भाई, 10 बजे तो मैं ये सोचना शुरू करता हूं कि आज लंच में क्या खाना है!
12)पहला कलीग: मंडे और संडे में क्या फर्क है?
दूसरा कलीग: संडे को नींद पूरी होती है, और मंडे को नींद ‘ऑफिस की डेस्क’ पर पूरी होती है।
13)पप्पू: यार, मेरी सैलरी और चप्पल में एक समानता है।
गप्पू: वो क्या?
पप्पू: दोनों एक ही महीने में घिस जाती हैं।
14) कलीग 1: यार मैनेजर आ रहा है, जल्दी से कोई एक्सेल शीट खोल ले।
कलीग 2: क्यों?
कलीग 1: ताकि उसे लगे कि हम काम कर रहे हैं, वरना वो असली काम दे देगा!
15) पप्पू: भाई, मैं आज 3 बजे निकल रहा हूँ।
गप्पू: क्यों, बॉस ने परमिशन दे दी?
पप्पू: नहीं भाई, बॉस खुद 2 बजे निकल गए हैं!
16) कलीग 1: हम अच्छे दोस्त हैं ना?
कलीग 2: हाँ भाई, क्यों?
कलीग 1: तो मेरा ये प्रेजेंटेशन तू बना दे, मुझे डेट पर जाना है।
कलीग 2: भाई, दोस्ती अपनी जगह, और ये गुलामी अपनी जगह!
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