Source :- LIVE HINDUSTAN
Jio IPO Big Update: जियो प्लेटफॉर्म्स का बहुप्रतीक्षित IPO अब सुर्खियों में है। जियो जल्द ही DRHP दाखिल कर सकता है। माना जा रहा है कि 2026 की पहली छमाही में यह IPO बाजार में आ सकता है।
Jio IPO Big Update: जियो प्लेटफॉर्म्स का बहुप्रतीक्षित IPO अब सुर्खियों में है। द इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, जियो जल्द ही DRHP दाखिल कर सकता है। माना जा रहा है कि 2026 की पहली छमाही में यह IPO बाजार में आ सकता है। वहीं, कंपनी के बड़े विदेशी निवेशक अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचने की तैयारी में हैं। यह आईपीओ भारत के सबसे बड़े पब्लिक इश्यू में से एक हो सकता है, जिस पर घरेलू और विदेशी निवेशकों की नजर टिकी हुई है।
IPO में कितना हिस्सा बिकेगा?
सूत्रों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स के करीब 14 बड़े निवेशक अपनी हिस्सेदारी का लगभग 8% हिस्सा बेच सकते हैं। कुल मिलाकर यह करीब 2.5% से 3% हिस्सेदारी बनती है। यानी निवेशक पूरी तरह बाहर नहीं निकलेंगे, बल्कि आंशिक मुनाफावसूली करेंगे।
OFS मॉडल पर होगा IPO
यह IPO पूरी तरह OFS के जरिए लाया जाएगा। इसका मतलब है कि कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इससे कंपनी के पास नया पैसा नहीं आएगा, लेकिन निवेशकों को एग्जिट का मौका मिलेगा।
रिलायंस अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेगी
रिलायंस इंडस्ट्रीज इस IPO में अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना में नहीं है। कंपनी के पास जियो में करीब 67% हिस्सेदारी है, जो पहले की तरह बनी रहेगी। इससे यह साफ है कि प्रमोटर को कंपनी के भविष्य पर पूरा भरोसा है।
मेटा और गूगल जैसे दिग्गज घटाएंगे हिस्सेदारी
जियो के सबसे बड़े विदेशी निवेशकों में मेटा और गूगल शामिल हैं। IPO के दौरान ये कंपनियां भी अपनी हिस्सेदारी का एक छोटा हिस्सा बेच सकती हैं। इसके अलावा, केकेआर, विस्टा इक्विटी, सिल्वर लेक और सऊदी अरब के PIF जैसे बड़े निवेशक भी आंशिक हिस्सेदारी कम करेंगे।
कितनी हो सकती है जियो की वैल्यूएशन?
बड़े निवेश बैंक जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन 130 से 180 अरब डॉलर के बीच आंक रहे हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह भारत के इतिहास के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है।
5G से AI तक फोकस
जियो अब सिर्फ टेलीकॉम कंपनी नहीं रहना चाहता, बल्कि एक टेक और डिजिटल पावरहाउस बनने की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी का फोकस इन सेक्टर पर है जैसे, 5G और ब्रॉडबैंड विस्तार, एंटरप्राइज डिजिटल सर्विसेज, AI और डीप-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर तथा सैटेलाइट कनेक्टिविटी।
AI पर बड़ा दांव, हजारों करोड़ का निवेश
मुकेश अंबानी के नेतृत्व में रिलायंस ग्रुप AI सेक्टर में बड़ा निवेश करने की तैयारी में है। कंपनी अगले कुछ सालों में भारी निवेश कर AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना चाहती है, जिससे जियो का बिजनेस मॉडल और मजबूत हो सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
यह IPO निवेशकों के लिए बड़ा मौका साबित हो सकता है, क्योंकि, कंपनी का मजबूत यूजर बेस, तेजी से बढ़ता डिजिटल बिजनेस, टेक्नोलॉजी और AI में विस्तार। हालांकि, निवेश से पहले वैल्यूएशन और मार्केट कंडीशन को समझना जरूरी होगा।
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