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IDBI Bank अब नहीं होगा प्राइवेट? सरकार ने इस वजह से पीछे खींचा कदम : रिपोर्ट

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Source :- LIVE HINDUSTAN

आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। सीएनबीसी टीवी18 की रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने इस बैंक के रणनीतिक डिसइन्वेस्टमेंट से कदम पीछे खींच लिया है। रिपोर्ट के अनुसार हिस्सेदारी बेचने के लिए जो वित्तीय बोलियां लगाई गई थी वो रिजर्व प्राइस से भी कम है।

आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। सीएनबीसी टीवी18 की रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने इस बैंक के रणनीतिक डिसइन्वेस्टमेंट से कदम पीछे खींच लिया है। रिपोर्ट के अनुसार हिस्सेदारी बेचने के लिए जो वित्तीय बोलियां लगाई गई थी वो रिजर्व प्राइस से भी कम है। बता दें, डिसइन्वेस्टमेंट नियमों के अनुसार सरकार की तरफ से ऐसी कोई बोली स्वीकार्य नहीं की जा सकती जो रिजर्व प्राइस से भी कम है।

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रिपोर्ट के अनुसार हिस्सेदारी बेचने के लिए रिजर्व प्राइस काफी अधिक है। वह बैंक के प्राइस टू बुक वैल्यूएशन के हिसाब से ज्यादा है।

कौन-कौन हुआ था चयनित

बोलीदाताओं में फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स और एमिरेट्स एनबीडी ने 6 फरवरी को फाइनेंशियल बिड्स को जमा किया था। कोटक महिंद्रा बैंक भी बोलीदाता के तौर पर चयनित किए गए थे। हालांकि, कोटक महिंद्रा बैंक ने पहले ही संकेत दिया था कि वो इस बिडिंग प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेंगे।

सरकार के पास बैंक में कितना हिस्सा

IDBI Bank में मौजूदा समय में सरकार की होल्डिंग 45.48 प्रतिशत है। वहीं, एलआईसी के पास 49.24 प्रतिशत हिस्सा है। सरकार इस डिसइन्वेस्टमेंट प्रक्रिया के जरिए अपना और एलआईसी का हिस्सा मिलाकर 60.70 प्रतिशत बेचना चाहती थी। जिसमें 30.48 प्रतिशत सरकार की हिस्सेदारी और 30.24 प्रतिशत एलआईसी की हिस्सेदारी होगी। इस डिसइंवेस्टमेंट के बाद सरकार के पास 15 प्रतिशत हिस्सा और एलआईसी के पास 19 प्रतिशत हिस्सा बचता है।

7 जनवरी 2023 से शुरू है प्रोसेस

यह डिसइन्वेस्टमेंट प्रक्रिया 7 जनवरी 2025 से चल रही है। यह वही समय है जब डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट ने कई बिडर्स ने संपर्क किया था। बता दें, सरकार और एलआईसी दोनों अपनी हिस्सेदारी घटाना चाह रहे थे। अगर यह प्रक्रिया पूरी हो जाती तो भारत के इतिहास का सबसे बड़ा बैंकिंग प्राइवेटाइजेशन होता।

शुक्रवार को आईडीबीआई बैंक के शेयर 6.69 प्रतिशत की गिरावट के बाद 92.20 रुपये के लेवल पर बंद हुआ था।

(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN