Source :- LIVE HINDUSTAN
क्या कभी आपने सोचा है कि रंगों के इस त्योहार पर सफेद रंग इतना खास क्यों है? आखिर क्यों हर साल होली के दिन सफेद कपड़े सबसे पहले अलमारी से बाहर आते हैं? चलिए जानते हैं होली के त्यौहार से इस सफेद रंग के खास कनेक्शन को।
4 मार्च को होली का त्योहार है। हवा में पहले से ही रंगों की हल्की-सी खुशबू घुलने लगी है। बाजार सजे हुए हैं, घरों में भी इस फेस्टिवल की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। यूं तो होली रंगों का त्योहार है, लेकिन इस त्योहार पर सफेद रंग का भी खास महत्व होता है। आपने ध्यान दिया होगा कि होली पर अधिकतर लोग सफेद रंग पहने हुए नजर आते हैं। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि रंगों के इस त्योहार पर सफेद रंग इतना खास क्यों है? आखिर क्यों हर साल होली के दिन सफेद कपड़े सबसे पहले अलमारी से बाहर आते हैं? चलिए जानते हैं होली के त्यौहार से इस सफेद रंग के खास कनेक्शन को।
परंपरा से जुड़ा है सफेद रंग का रिश्ता
होली सिर्फ मस्ती और रंगों का दिन नहीं है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत और नई शुरुआत का प्रतीक है। इस त्योहार के पहले दिन होलिका दहन होता है और अगले दिन रंगों से होली खेली जाती है। यह समय सर्दियों के अंत और बसंत के स्वागत का होता है। मौसम बदलता है और इसी के साथ माहौल भी बदलता है। सफेद रंग को हमेशा से शुद्धता, शांति और सादगी का प्रतीक माना गया है। होली भी पुराने गिले-शिकवे मिटाकर आगे बढ़ने का संदेश देती है। ऐसे में सफेद कपड़े पहनना एक नई शुरुआत का संकेत है। ये इस बात का संकेत है कि अब जीवन में नए रंग भरने का समय आ गया है।
सफेद बनता है रंगों के लिए परफेक्ट कैनवास
होली रंगों का त्योहार है और सफेद रंग उन सभी रंगों को सबसे ज्यादा उभारकर दिखाता है। जब गुलाल सफेद कपड़ों पर गिरता है तो हर रंग साफ और चमकदार नजर आता है। यही वजह है कि सफेद रंग होली के लिए सबसे सही माना जाता है। सुबह जो कपड़ा बिल्कुल साफ और सादा होता है, वह शाम तक कई रंगों से भर जाता है। यह बदलाव अपने आप में होली की पूरी कहानी कह देता है। जैसे सफेद रंग हर रंग को अपने अंदर समा लेता है, वैसे ही यह त्योहार हर व्यक्ति को अपने साथ जोड़ लेता है।
समानता और एकता का प्रतीक
होली का असली मतलब है साथ मिलकर खुशियां मनाना। इस दिन लोग पुराने गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं। सफेद रंग इस भावना को और मजबूत करता है। जब सभी लोग सफेद पहनते हैं और फिर एक-दूसरे पर रंग डालते हैं, तो कुछ ही समय में सब एक जैसे नजर आने लगते हैं। यह दृश्य अपने आप में बराबरी का संदेश देता है। न कोई बड़ा, न कोई छोटा। न कोई अमीर, न कोई गरीब। सब एक ही रंग में रंगे हुए दिखाई देते हैं। यही होली की सबसे बड़ी खूबसूरती है।
बॉलीवुड ने बढ़ाया सफेद रंग का क्रेज
समय के साथ फिल्मों ने भी होली और सफेद रंग के इस रिश्ते को और लोकप्रिय बना दिया। कई फिल्मों में होली के गाने सफेद कपड़ों के साथ ही दिखाए गए। फिर चाहे वो सिलसिला फिल्म में अमिताभ बच्चन और रेखा पर फिल्माए गए गाने ‘रंग बरसे भीगे चुनर वाली’ का मशहूर सीन हो, या फिर रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘ये जवानी है दीवानी’ का पॉपुलर गाना ‘बलम पिचकारी’ हो। होली के इन सभी बॉलीवुड सीन ने दर्शकों के दिल पर एक अमिट छाप छोड़ी है और होली में सफेद रंग के कपड़े के क्रेज को और बढ़ा दिया है। इन फिल्मों के बाद होली पर सफेद पहनना एक ट्रेंड भी बन गया। होली पार्टी हो या फैमिली सेलिब्रेशन, सफेद कुर्ता, साड़ी या टी-शर्ट सबसे ज्यादा पसंद की जाती है।
मौसम के हिसाब से भी सही चुनाव
होली के साथ ही गर्मी की शुरुआत हो जाती है। सफेद रंग धूप में कम गर्मी सोखता है और शरीर को हल्का व आरामदायक महसूस कराता है। इसलिए मौसम के हिसाब से भी एक सही चुनाव है। मस्ती भरे इस दिन में आराम भी बना रहता है।
सफेद रंग में छुपी है होली की असली भावना
होली पर सफेद पहनना सिर्फ फैशन नहीं है। यह एक सोच और भावना से जुड़ा है। यह बताता है कि हम नई शुरुआत के लिए तैयार हैं। जैसे सफेद कपड़ा रंगों को अपनाकर और भी खूबसूरत बन जाता है, वैसे ही होली का दिन रिश्तों को और गहरा बना देता है।
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