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Gold-Silver Price: युद्ध के बीच सोने के भाव ₹11,000 टूटे, चांदी ₹38,000 गिरी, अभी खरीदें या रुकें?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Gold Silver Price: युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक सोना करीब ₹11,208 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है, जबकि चांदी में ₹38,027 प्रति किलो की भारी गिरावट आई है। क्या अभी खरीदना सही है? जानिए एक्सपर्ट की राय और निवेश की सही रणनीति।

ईरान-इजरायल युद्ध के बढ़ते असर ने वैश्विक बाजारों में भारी उथल-पुथल मचा दी है। जहां शेयर बाजार लगातार गिर रहा है, वहीं हैरानी की बात यह है कि सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक सोना करीब ₹11,208 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है, जबकि चांदी में ₹38,027 प्रति किलो की भारी गिरावट आई है। गुरुवार को भी सर्राफा बाजार में दबाव जारी रहा, जहां 24 कैरेट सोना ₹6,990 गिरकर ₹1,47,889 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी ₹20,034 टूटकर ₹2,29,873 प्रति किलो पर पहुंच गई।

IBJA डेटा क्या बताता है?

IBJA के अनुसार, 27 फरवरी 2026 को सोना ₹1,59,097 और चांदी ₹2,67,900 के स्तर पर थी। इसके अगले दिन युद्ध शुरू हुआ और तब से लगातार गिरावट का ट्रेंड बना हुआ है। यानी युद्ध ने बाजार की पारंपरिक दिशा को पूरी तरह बदल दिया है।

सोने की चमक क्यों फीकी पड़ी?

मार्जिन बढ़ने से ट्रेडिंग महंगी हुई और सट्टेबाजी कम हो गई, जिससे तेजी थम गई।निवेशक शेयर बाजार में हुए नुकसान की भरपाई के लिए सोना बेच रहे हैं, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा।

रिकॉर्ड तेजी के बाद अब गोल्ड में नए निवेश में कमी आई है, जिससे बाजार ठंडा पड़ा है। मजबूत डॉलर के कारण सोने की अंतरराष्ट्रीय मांग घटी है, जिससे कीमतें नीचे आई हैं। साइक्लोजी बदल रही है। आमतौर पर युद्ध के समय सोना सुरक्षित निवेश के रूप में बढ़ता है, लेकिन इस बार बाजार का व्यवहार उल्टा नजर आ रहा है। निवेशक कैश निकालने के लिए सोना बेच रहे हैं, जिससे गिरावट और तेज हो रही है।

सोना खरीदें या इंतजार करें

केडिया कमोडिटीज के प्रेसीडेंट अजय केडिया निवेशकों को सलाह देते हुए कहते है, “ अगर आप शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग कर रहे हैं, तो अभी सावधानी जरूरी है। बाजार में अभी और गिरावट या उतार-चढ़ाव आ सकता है। अगर आपका नजरिया लंबी अवधि का है, तो यह धीरे-धीरे खरीदारी (buy on dips) का अच्छा मौका हो सकता है। सोना लंबे समय में हमेशा सुरक्षित निवेश माना जाता है। निवेशकों के लिए सही रणनीति की बात करें तो एक साथ पूरी रकम निवेश न करें। SIP या चरणबद्ध तरीके से खरीदें। गिरावट में धीरे-धीरे निवेश बढ़ाएं। शॉर्ट टर्म में ज्यादा रिस्क न लें।”

आगे क्या रहेगा ट्रेंड?

आने वाले समय में सोने की दिशा फेड की ब्याज दर नीति, डॉलर की चाल, मिडिल ईस्ट तनाव और महंगाई का स्तर जैसे फैक्टर्स पर निर्भर करेगी। कुल मिलाकर, सोने में गिरावट ने निवेश का मौका जरूर दिया है, लेकिन जल्दबाजी से बचना जरूरी है। लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह अच्छा समय हो सकता है, जबकि शॉर्ट टर्म निवेशकों को अभी इंतजार करना चाहिए।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN