Source :- LIVE HINDUSTAN
Gold Silver Price Today: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह चांदी का भाव 1% टूटकर 2,38,501 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। वहीं, सोने की कीमत में 0.73% की बढ़त दर्ज की गई और यह 1,51,870 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
युद्ध के बीच आज एमसीएक्स पर चांदी के दाम में गिरावट आई है, जबकि सोने की कीमतों में तीसरे दिन भी तेजी जारी रही। मुनाफावसूली के चलते चांदी की कीमतें घट गईं। वहीं, मध्य पूर्व में तनाव समाप्त होने की संभावना से निवेशकों की धारणा बेहतर हुई और अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से सोने को समर्थन मिला।
भारतीय बाजार में आज क्या हैं सोने-चांदी के भाव
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह चांदी का भाव 1% टूटकर 2,38,501 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। वहीं, सोने की कीमत में 0.73% की बढ़त दर्ज की गई और यह 1,51,870 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हैं सोने और चांदी के भाव
अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो यहां भी गोल्ड के रेट में बढ़त है। पिछले सत्र में 3.5% की तेजी के बाद सोना आज 1.2% चढ़कर 4,700 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गया। हालांकि, यहां भी चांदी की चाल इससे उलट रही और यह 0.9% गिरकर 74.50 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण
गोल्ड-सिल्वर के रेट में ताजा उतार-चढ़ाव की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान से मिले बयानों को माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका दो से तीन हफ्तों में ईरान के साथ युद्ध समाप्त कर लेगा। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका अपने प्रमुख सैन्य उद्देश्यों को काफी हद तक हासिल मान रहा है।
यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। युद्ध से पहले, वैश्विक तेल और एलएनजी शिपमेंट का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी जलमार्ग से गुजरता था। इस मार्ग के फिर से सुचारू रूप से खुलने के संकेतों का तेल, मुद्रास्फीति और वैश्विक बाजार स्थिरता पर बड़ा असर पड़ता है।
दूसरी ओर, ईरान ने भी संकेत दिया कि संघर्ष की समाप्ति संभव है, लेकिन उसकी शर्तों पर। ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि देश युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार है, बशर्ते उसकी शर्तें मानी जाएं, जिसमें होर्मुज पर नियंत्रण भी शामिल है।
सोने-चांदी पर अमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों का असर
युद्ध को लेकर तुरंत चिंता कम होने से अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना। ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। डॉलर के कमजोर होने से चांदी और सोना अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए आकर्षक हो जाते हैं, जिससे कीमतों को सहारा मिलता है।
साथ ही, निवेशक संघर्ष के मुद्रास्फीति और ब्याज दरों पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन कर रहे हैं। बॉन्ड बाजार के कारोबारी अब इस बात पर दांव घटा रहे हैं कि युद्ध से पैदा हुई मुद्रास्फीति के दबाव से निपटने के लिए केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरें बढ़ाने की जरूरत होगी।
यह बदलाव कीमती धातुओं के लिए अहम है। ब्याज दरों में बढ़त की उम्मीद कम होने से सोना और चांदी जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों को फायदा होता है, क्योंकि इससे उन्हें रखने की अवसर लागत घट जाती है। फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल की इस सप्ताह की शुरुआत में आई टिप्पणियों ने भी यह भरोसा दिलाया कि लंबी अवधि के लिए मुद्रास्फीति की उम्मीदें स्थिर हैं।
आगे क्या होगा
बाजार अब बुधवार रात राष्ट्रपति ट्रंप के संबोधन पर नजर गड़ी हैं, जिसमें वह ईरान पर अहम अपडेट दे सकते हैं। निवेशक स्पष्ट संकेत तलाश रहे हैं कि क्या वास्तव में कूटनीति की राह बन रही है, या फिर मौजूदा उम्मीदें जल्दबाजी में की गईं साबित होंगी।
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