Home व्यापार समाचार Gold Price: युद्ध के बावजूद क्यों नहीं बढ़ रहे हैं सोने का...

Gold Price: युद्ध के बावजूद क्यों नहीं बढ़ रहे हैं सोने का भाव? किस वजह से आई है कीमतों में सुस्ती

11
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

Gold Price Today: युद्ध के बावजूद भी सोने की कीमतों में कोई बहुत हलचल नहीं देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों के दौरान गोल्ड की कीमतों में गिरावट ही आई है। आखिर शेयर बाजार और सोना दोनों गिरावट क्यों देखा जा रहा है?

Gold Price Today: युद्ध के बावजूद भी सोने की कीमतों में कोई बहुत हलचल नहीं देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों के दौरान गोल्ड की कीमतों में गिरावट ही आई है। आखिर शेयर बाजार और सोना दोनों गिरावट क्यों देखा जा रहा है? क्या युद्ध का कोई असर सोने की कीमतों पर नहीं पड़ रहा। आइए समझते हैं…

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

सोने की कीमतों में मामूली तेजी

कल शुक्रवार की शाम को सर्राफा बाजार में गोल्ड का रेट 158399 रुपये प्रति 10 ग्राम था। ईरान-अमेरिका के बीच 28 फरवरी को युध्द शुरू हुआ था। उससे पहले 27 फरवरी को गोल्ड का रेट 159097 रुपये था। यानी इस दौरान मामूली तेजी देखने को ही मिली है।

क्यों नहीं बढ़ रहा है भाव

जब से युध्द शुरू हुआ है तब से सोना एक रेंज में भी ट्रे़ड कर रहा है। इंटरनेशनल मार्केट में 300 डॉलर प्रति आउंस के रेंज में कारोबार कर रहा है। वहीं, एमसीएक्स फ्यचूर में यह 10,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेंज में ट्रेड कर रहा है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने जाने की वजह से क्रूड ऑयल की कीमतों में तूफानी तेजी देखने को मिली है। WTI क्रूड ऑयल का रेट 60 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। जिसकी वजह से दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है। इसके अलावा दुनिया भर के निवेश इस समय सुरक्षित निवेश के तौर पर ‘डॉलर’ की तरफ रुख कर रहे हैं। बीते कुछ हफ्तों में डॉलर मजबूत भी हुआ है। यही वजह है कि गोल्ड की कीमतों में कोई खात तेजी देखने को नहीं मिल रही है।

यहां से कहां जा सकता है गोल्ड का रेट

गोल्ड का रेट कहां तक जाएगा यह बहुत हद तक सेंटीमेंट और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार बिकवाली अगर देखने को मिलती है तब की स्थिति में 5 से 20 प्रतिशत सस्ता हो सकता है। हालांकि, अमेरिकी ग्रोथ रेट, महंगाई और अधिक ब्याज का माहौल अगर रहा तब सोने पर बुरा असर पड़ेगा।

वहीं, अगर वैश्विक स्तर पर आर्थिक मंदी और तनाव बढ़ते हैं तब सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसी स्थिति में इस साल के अंततक सोने का भाव 15 से 20 प्रतिशत मौजूदा स्तर से बढ़ सकता है।

(यह निवेश की सलाह नहीं है। सोने और चांदी की कीमतों तेजी के पीछे कई वजहें होती हैं। यहां प्रस्तुत एक्सपर्ट्स के विचार निजी हैं। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर सोने और चांदी में निवेश करने की सलाह नहीं देता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN