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https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/03/18/1200x900/uzair_baloch_real_story_1773858175951_1773858176134.jpgDhurandhar The Revenge: धुरंधर पार्ट 2 देखने के बाद अगर आपका भी उजैर बलोच की असली कहानी जानने में इंट्रेस्ट आ गया है तो यहां पढ़ सकते हैं। फिल्म में यह किरदार दानिश पंडोर ने निभाया है।
धुरंधर 2 रिलीज हो चुकी है। मूवी में खूब खून-खराबा है लेकिन सिनेमाघर सीटियों और तालियों से गूंज रहे हैं। फिल्म देखने के बाद दर्शकों को अब कई सारे सवालों के जवाब मिल चुके हैं जैसे बड़े साहब कौन थे, यामी गौतम का कैमियो है या नहीं, फिल्म में विकी कौशल हैं या नहीं और उरी से कनेक्शन भी। फिल्म में पुराने कुछ किरदार को आप मिस करेंगे। वहीं धुरंधर द रिवेंज में उजैर बलोच का ठीक-ठाक रोल है। फिल्म के फर्स्ट हाफ में उजैर के कुछ सीन्स आपको विचलित कर सकते हैं। अगर आपके मन में भी ये सवाल है कि क्या ऐसा वाकई हुआ था तो पढ़ें उजैर बलोच की असली कहानी।
पिता के कत्ल से बदली जिंदगी
उजैर बलोच 1970 में कराची में पैदा हुआ था। उसके पिता फैज मुहम्मद ट्रांसपोर्टर थे। उजैर ने एक इंडिपेंडेंट कैंडिडेट के तौर पर अपने पॉलिटिकल करियर की शुरुआत की। उसकी जिंदगी तब बदल गई जब उसके पिता का 2003 में कत्ल कर दिया गया। ये मर्डर ल्यारी के ड्रग माफिया हाजी लालू के बेटे अरशद पप्पू ने किया था। इसके बाद उजैर ने पिता की मौत का बदला लेने के लिए अपने चचेरे भाई रहमान डकैत का गैंग जॉइन कर लिया। वही रहमान डकैत जिसका किरदार धुरंधर के पहले पार्ट में अक्षय खन्ना ने निभाया था।
करीब 200 लोगों की ली जान
ल्यारी में खूनी खेल तब शुरू हुआ जब उजैर और रहमान अरशद पप्पू के खिलाफ हुए। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, उजैर ने 2008 से 2013 तक करीब 198 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। उजैर पर आरोप था कि वह इरानी की इंटेलिजेंस को गोपनीय सूचनाएं भेजता था। उसने पैरा मिलिट्री के करीब 150 लोगों का कत्ल कर दिया था। उस पर आरोप था कि उसने करीब 11 ऐसे बिजनसमेन मार दिया थे जिन्होंने उसको फिरौती की रकम नहीं दी थी। उसके पास कई सारी आर्सेनल गन, रॉकेट लॉन्चर और भारी मात्रा में हथियार थे।
जब दुश्मन के सिर के बनाया फुटबॉल
बताया जाता है कि उजैर का इतना दबदबा था कि वह लोकल थाना प्रभारी, एसपी और डीएसपी की नियुक्ति और उन्हें हटाने में सीधा दखल रखता था। उसने सिंध फिशरीज पर अपने प्रभाव और काले कारनामों से अकूत दौलत इकट्ठी कर ली थी। आरोप है कि उजैर उगाही, किडनैपिंग और ड्रग्स का कारोबार करता था। कई रिपोर्ट्स यहां तक दावा करती हैं कि उजैर अपने विरोधियों को पुलिस की गाड़ी में उठा लाता था और उन्हें बुरी मौत देता था। रिपोर्ट्स ये भी हैं कि अरशद पप्पू और उसके भाई यासिर को मारने के बाद उजैर ने उनकी लाश की परेड निकाली और बाद में कटे सिरों से फुटबॉल खेला। इतना ही नहीं फ्राइडे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घिनौनी हरकत पर उजैर का कहना था, ‘ये करम का फल है, जैसा करोगे, वैसा भुगतना पड़ेगा।’ 2020 में उजैर को कराची जेल में 12 साल की सजा हुई थी। रिपोर्ट्स बताती हैं कि वह अपने कनेक्शंस के बलबूते बाद में बेल पर छूट गया था।
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