Home व्यापार समाचार DA पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, रिटायर कर्मचारियों के लिए भी...

DA पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, रिटायर कर्मचारियों के लिए भी है गुड न्यूज

23
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य महंगाई भत्ते को बढ़ाते समय सेवारत कर्मचारियों और पेंशनधारकों के बीच भेदभाव नहीं कर सकता। न्यायालय ने साफ किया कि महंगाई का प्रभाव सेवारत और सेवानिवृत्त, दोनों कर्मचारियों पर समान रूप से पड़ता है।

केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ते यानी में बढ़ोतरी का इंतजार है तो केंद्र सरकार के रिटायर कर्मचारी महंगाई राहत यानी डीआर का इंतजार कर रहे हैं। इस इंतजार के बीच सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य महंगाई भत्ते को बढ़ाते समय सेवारत कर्मचारियों और पेंशनधारकों के बीच भेदभाव नहीं कर सकता। सेवानिवृत्त लोगों के समानता के अधिकार को बरकरार रखते हुए न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने केरल सरकार और केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) द्वारा दायर अपीलों को खारिज कर दिया। न्यायालय ने साफ किया कि महंगाई का प्रभाव सेवारत और सेवानिवृत्त, दोनों कर्मचारियों पर समान रूप से पड़ता है।

क्या कहा न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा ने?

न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा ने फैसले में लिखा- समानता एक गतिशील अवधारणा है और इसे पारंपरिक सीमाओं में कैद नहीं किया जा सकता। वास्तव में, समानता और मनमानापन एक-दूसरे के एकदम विपरीत हैं। एक गणराज्य में कानून के शासन का हिस्सा है जबकि दूसरा एक निरंकुश शासक की सनक है।

संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का हवाला देते हुए फैसले में कहा गया कि इसमें ‘वर्ग विधान’ का निषेध किया गया है, लेकिन तार्किक वर्गीकरण की अनुमति की गई है। इसे दो परीक्षणों पर खरा उतरना चाहिए: वर्गीकरण एक सुविचारित अंतर पर आधारित होना चाहिए और इस अंतर का उस उद्देश्य के साथ तर्कसंगत संबंध होना चाहिए, जिसे हासिल करने की कोशिश की जा रही है।

पीठ ने कहा- यहां सेवानिवृत्त कर्मचारी न केवल पेंशन के बल्कि ‘महंगाई राहत’ (डीआर) के भी हकदार हैं, जो महंगाई के आधार पर समय-समय पर संशोधित होती है। मुद्दा लाभ की पात्रता का नहीं, बल्कि अलग-अलग दरों का है। न्यायालय ने कहा कि जब ये लाभ एक साझा उद्देश्य के लिए दिए जाते हैं और महंगाई से जुड़े होते हैं, तो सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए अलग-अलग दरें तय करना मनमाना और भेदभावपूर्ण है।

केंद्रीय कर्मचारियों को भत्ते का इंतजार

बता दें कि केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स महंगाई भत्ते का इंतजार कर रहे हैं। यह भत्ता जनवरी से जून छमाही तक का होगा। सरकार आमतौर पर भत्ते पर होली के आसपास फैसला लेती है लेकिन इस बार इसमें देरी हो रही है। इस बार होली के एक महीने से भी ज्यादा समय के बाद भी किसी तरह की सुगबुगाहट नहीं है। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों का भत्ता 58 पर्सेंट है, जो 2 या 3 पर्सेंट बढ़ सकता है। अगर ऐसा होता है तो भत्ता बढ़कर 60 या 61 पर्सेंट हो जाएगा। यह आठवें वेतन आयोग के दौर में पहली बार होगा जब सरकार महंगाई भत्ते का ऐलान करेगी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN