Source :- LIVE HINDUSTAN
संक्षेप:
BWF ने वर्ल्ड टूर में बदलाव किया है। इंडिया ओपन पर आंच नहीं आई। वहीं, सैयद मोदी इंटरनेशनल का दर्जा घट गया। लखनऊ में इस टूर्नामेंट का योजन राष्ट्रमंडल खेल चैंपियन सैयद मोदी की स्मृति में होता है।
विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) द्वारा सोमवार को घोषित भविष्य के कार्यक्रम में भारत को बड़ा झटका लगा है क्योंकि देश में होने वाले आयोजनों की संख्या चार से घटकर दो कर दी गयी है जिसमें इस साल आयोजन संबंधी समस्याओं के बावजूद इंडिया ओपन ने अपना सुपर 750 दर्जा बरकरार रखा है लेकिन सैयद मोदी इंटरनेशनल सुपर 300 का दर्जा घटाकर सुपर 100 कर दिया गया। विश्व टूर कार्यक्रम से जिन टूर्नामेंटों को हटाया गया है उनमें गुवाहाटी और ओडिशा में आयोजित सुपर 100 टूर्नामेंट शामिल हैं। इन टूर्नामेंटों को 2023 में शुरू किया गया था। लखनऊ में सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय का आयोजन राष्ट्रमंडल खेल चैंपियन सैयद मोदी की स्मृति में होता है। यह साल 2018 से विश्व टूर सुपर 300 स्तर का टूर्नामेंट रहा है। 2009 में ग्रां प्री टूर्नामेंट के रूप में शुरू हुआ यह आयोजन अब अगले सत्र से सर्किट में शामिल आठ सुपर 100 टूर्नामेंटों में से एक होगा। भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) के महासचिव संजय मिश्रा ने पीटीआई से कहा, ”पिछली बार विश्व टूर टूर्नामेंटों के लिए 32 देशों ने आवेदन किया था। इस बार 56 देशों ने आवेदन किया है। स्वाभाविक रूप से टूर्नामेंट की संख्या सीमित है, इसलिए बीडब्ल्यूएफ खेल को नए क्षेत्रों तक ले जाना चाहता है।”
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‘में एक सुपर 100 टूर्नामेंट मिल रहा था’
उन्होंने कहा, ” चीन को भी सिर्फ तीन टूर्नामेंट मिले हैं। हमने बीडब्ल्यूएफ से कहा था कि हम उन टूर्नामेंट की मेजबानी जारी रखना चाहते है, जिन्हें हम पहले से आयोजित करते आ रहे हैं। बीडब्ल्यूएफ के पास हालांकि बहुत ज्यादा अनुरोध थे और वे चाहते थे कि अधिक संख्या में देश विश्व टूर स्तर के टूर्नामेंट की मेजबानी करें। छोटे देश सुपर 100 जैसे टूर्नामेंट आसानी से आयोजित कर सकते हैं क्योंकि इसमें कम राशि की जरूरत होती है।” मिश्रा ने आगे कहा, ” हमें एक सुपर 100 टूर्नामेंट मिल रहा था, इसलिए हमने सोचा कि इसे लखनऊ में आयोजित करना बेहतर रहेगा, क्योंकि सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय हमारे सबसे पुराने टूर्नामेंटों में से एक है।” बीडब्ल्यूएफ ने हालांकि अपनी तरफ से सैयद मोदी टूर्नामेंट के स्तर को कम करने या ओडिशा और गुवाहाटी के टूर्नामेंटों को कैलेंडर से हटाने के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं किए हैं। दिल्ली में आयोजित होने वाले इंडिया ओपन को 2023 में सुपर 750 का दर्जा दिया गया था। वह अपनी ग्रेड दो, लेवल तीन स्तर बनाए रखेगा और 2027-30 के नए चक्र में भी पांच सुपर 750 टूर्नामेंटों में शामिल रहेगा। इस साल इंडिया ओपन विवादों में भी रहा था। कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने साफ-सफाई सहित आयोजन की अन्य खामियों की ओर इशारा किया था।
पुरस्कार पूल लगभग 26.9 मिलियन डॉलर
नये बदलावों के तहत विश्व टूर की छह-स्तरीय संरचना में 36 टूर्नामेंट शामिल होंगे। इसमें टूर्नामेंट विश्व टूर फाइनल्स, पांच सुपर 1000 टूर्नामेंट, पांच सुपर 750, नौ सुपर 500, आठ सुपर 300 और आठ सुपर 100 टूर्नामेंट शामिल हैं। खास बात यह है कि सुपर 100 टूर्नामेंट पहली बार मुख्य टूर में शामिल होंगे। सुपर 1000 स्तर के पहले चार टूर्नामेंट होते थे लेकिन अब इस स्तर के पांच टूर्नामेंट एशिया और यूरोप में आयोजित होंगे। इसमें एकल में 48 खिलाड़ी ग्रुप और फिर एलिमिनेशन चरण में प्रतिस्पर्धा करेंगे, जबकि युगल में 32 जोड़ियों का नॉकआउट ड्रॉ होगा। हर सुपर 1000 टूर्नामेंट 11 दिन तक दो सप्ताहांत में चलेगा और इसके 1,095 मैच पूरी दुनिया में प्रसारित किए जाएंगे। बीडब्ल्यूएफ ने बताया कि विश्व टूर में कुल वार्षिक पुरस्कार पूल लगभग 26.9 मिलियन डॉलर होगा। इसमें हर श्रेणी की पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी की गयी है। डब्ल्यूएफ ने कहा, ”सुपर 1000 टूर्नामेंट के लिए 20 लाख डॉलर, सुपर 750 के लिए 11 लाख , सुपर 500 के लिए 5.60 लाख, सुपर 300 के लिए 2.90 लाख और सुपर 100 के लिए 1.40 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि रखी गयी है।” विश्व चैंपियनशिप में 2027 से ग्रुप चरण और फिर नॉकआउट चरण होंगे। इसमें हर खिलाड़ी को कम से कम दो मैच खेलने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, सुदीरमन कप फाइनल्स और थॉमस एवं उबेर कप फाइनल्स में अधिक टीमों को शामिल किया जाएगा, जिससे वैश्विक प्रतिनिधित्व बढ़ेगा।
मैचों की संख्या लगभग 3,000 हो जाएगी
विश्व टूर के लिए 2027 से 2030 तक के मेजबानों की पुष्टि कर दी गई है, जबकि विश्व टूर फाइनल्स के स्थल की घोषणा बाद में की जाएगी। बीडब्ल्यूएफ ने यह कदम पिछले साल उसके प्रसारण और वाणिज्यिक साझेदार ‘इनफ्रंट’ के साथ 2034 तक बढ़ाए गए लंबी अवधि के करार के बाद उठाये हैं। नये प्रारूप के तहत बीडब्ल्यूएफ टूर्नामेंट में टीवी पर प्रसारित बैडमिंटन मैचों की संख्या 1,410 से बढ़कर लगभग 3,000 हो जाएगी। बीडब्ल्यूएफ अध्यक्ष खुनयिंग पटामा लीसवादट्राकुल ने कहा, “हम ऐसा खेल तैयार कर रहे हैं जो अगली पीढ़ी से जुड़े। प्रतियोगिता प्रारूप, बढ़ी हुई पुरस्कार राशि, प्रसारण रणनीति और ‘स्पॉन्सरशिप वैल्यू चेन’ हर पहलू को 21वीं सदी के वैश्विक खेल की मांगों के अनुसार नया रूप दिया गया है।” बीडब्ल्यूएफ के महासचिव थॉमस लुंड ने कहा कि ये बदलाव खिलाड़ियों को खेल के केंद्र में रखते हैं। उन्होंने कहा, ”हम एक भविष्य-सक्षम ढांचा बना रहे हैं जो सतत विकास को बढ़ावा देगा और बैडमिंटन की वैश्विक पहुंच को और मजबूत करेगा। यह कदम बैडमिंटन को वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धात्मक और वाणिज्यिक रूप से आकर्षक बनाता है, साथ ही खिलाड़ियों को उचित पुरस्कार और लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।”
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