बेंगलुरु के एक वकील की रविवार देर रात उनके घर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना कथित तौर पर किराया न चुकाने वाले दो किरायेदारों के साथ हुए तीखे विवाद के बाद हुई। अधिकारियों के अनुसार, यह टकराव व्हाइटफील्ड पुलिस स्टेशन की सीमा के अंतर्गत पट्टंदूर अग्रहारा में हुआ और इसमें देसी पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया।
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## देर रात का विवाद बना जानलेवा
रात करीब **11:30 बजे**, **42 वर्षीय मंजूनाथ** ने दरवाजे पर दस्तक सुनकर उसे खोला। कुछ ही क्षण बाद, उनके दो किरायेदारों ने कथित तौर पर गोली चला दी, जो उनके माथे में लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस का मानना है कि गोलीबारी से करीब एक घंटे पहले, वकील और उनकी संपत्ति पर रहने वाले किरायेदारों के बीच बकाया किराए को लेकर कहासुनी हुई थी।
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## किरायेदार कौन हैं?
संदिग्धों की पहचान **बिहार से आए प्रवासियों** के रूप में हुई है, जो गिग इकॉनमी में काम करते हैं। वे Swiggy, Zomato जैसी फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म और राइड-हेलिंग सेवा Rapido से जुड़े हुए हैं।
अधिकारियों को संदेह है कि किराए को लेकर विवाद बढ़ने के बाद इन्हीं किरायेदारों ने मंजूनाथ को गोली मारी।
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## हत्या में इस्तेमाल हथियार और जारी जांच
जांचकर्ताओं के अनुसार, हमले में कथित तौर पर **देसी पिस्तौल** का इस्तेमाल किया गया, जिसे बेंगलुरु में तस्करी के जरिए लाया गया था। व्हाइटफील्ड डिवीजन के पुलिस उपायुक्त ने पुष्टि की कि घटनाक्रम का सटीक क्रम निर्धारित करने और जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। इनमें हथियार के स्रोत का पता लगाना भी शामिल है।
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## वकील की पृष्ठभूमि और संपत्ति का विवरण
मंजूनाथ पेशे से वकील थे और बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड क्षेत्र में उनके पास कई एकड़ जमीन थी। इस जमीन के कुछ हिस्से किराए पर दिए गए थे, जिनमें शेड भी शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार, अब मृत किरायेदार इन्हीं शेड में रहते थे।
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## पुलिस का बयान
व्हाइटफील्ड डिवीजन के पुलिस उपायुक्त के अनुसार:
– हत्या के पीछे की परिस्थितियों और हथियार के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
– किराए का विवाद घटना का कारण प्रतीत होता है, लेकिन पूरे मकसद का पता लगाना प्राथमिकता बना हुआ है।
– इसमें शामिल किरायेदारों की पहचान करने, उन्हें ढूंढने और गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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## आगे क्या होगा
पुलिस इन बातों की पुष्टि करने में जुटी है:
– विवाद की वास्तविक प्रकृति और यह किस तरह गोलीबारी तक पहुंचा।
– किरायेदारों की पहचान और उनका वर्तमान ठिकाना।
– क्या किसी अन्य व्यक्ति ने हमले की योजना बनाने या हथियार उपलब्ध कराने में मदद की थी।
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