अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह कदम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर आरोपों के बाद उठाया गया है, जिन पर चढ़ावे में अनियमितताओं का आरोप है।
**एसआईटी की गठन और जांच प्रक्रिया**
13 जून 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT का गठन किया, जिसकी अध्यक्षता लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे हैं। टीम में आईजी किरन एस और विशेष सचिव नील रतन भी शामिल हैं। एसआईटी को सात दिन में प्रारंभिक और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
**चंपत राय से पूछताछ**
16 जून 2026 को SIT ने चंपत राय से बंद कमरे में घंटों पूछताछ की। इस दौरान राय ने चढ़ावे की गिनती के दौरान तैनात कर्मचारियों के नाम-पते की सूची भी प्रदान की। अगले दिन से कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ का दौर शुरू हुआ।
**अनिल मिश्रा की बर्खास्तगी की संभावना**
मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष अनिल मिश्रा की बर्खास्तगी की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
**सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर**
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है, जिसमें SIT की जांच की निगरानी की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए कोर्ट की निगरानी आवश्यक है।
**चढ़ावे की गिनती और अनियमितताएं**
मंदिर ट्रस्ट ने चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ सालों में तैनात कर्मचारियों के नाम-पते की सूची मांगी है। इससे यह संकेत मिलता है कि चढ़ावे में अनियमितताओं की जांच के लिए विस्तृत प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
**निष्कर्ष**
राम मंदिर चढ़ावे चोरी मामले में SIT की जांच तेज हो गई है, और चंपत राय से पूछताछ के बाद अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका और अनिल मिश्रा की बर्खास्तगी की संभावना मामले की गंभीरता को दर्शाती है। मंदिर ट्रस्ट की ओर से चढ़ावे की गिनती के लिए कर्मचारियों की सूची मांगे जाने से यह स्पष्ट है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।