पोलैंड और यूक्रेन के बीच द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उत्पन्न विवादों के कारण हाल के दिनों में तनाव बढ़ा है। पोलैंड ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को दिए गए अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट ईगल’ को वापस लेने की चेतावनी दी है। यह कदम जेलेंस्की द्वारा यूक्रेनी इंसर्जेंट आर्मी (UPA) को दिए गए सम्मान के विरोध में उठाया गया है, जिस पर पोलैंड द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हजारों पोलिश नागरिकों की हत्या का आरोप लगाता है।
**पोलैंड और UPA के बीच विवाद**
यूक्रेनी इंसर्जेंट आर्मी (UPA) द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सक्रिय एक यूक्रेनी राष्ट्रवादी संगठन था, जिसे पोलैंड के कई नागरिकों की हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। पोलिश अधिकारियों के अनुसार, UPA ने वर्तमान पश्चिमी यूक्रेन क्षेत्र में लगभग एक लाख पोलिश नागरिकों की हत्या की, जिसे पोलैंड जनसंहार मानता है। हालांकि, यूक्रेन UPA और अन्य राष्ट्रवादी संगठनों को स्वतंत्रता सेनानी के रूप में देखता है।
**जेलेंस्की का कदम और पोलैंड की प्रतिक्रिया**
पोलिश राष्ट्रपति कारोल नावरोत्स्की ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से उनके सर्वोच्च पोलिश सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट ईगल’ को वापस लेने का संकेत दिया है। यह कदम जेलेंस्की द्वारा एक विशेष कमांडो यूनिट का नाम UPA के नायकों के नाम पर रखने के बाद उठाया गया है। पोलैंड ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी मांग पर कोई जवाब नहीं मिलता है, तो जेलेंस्की को दिया गया सम्मान भी वापस ले लिया जाएगा।
**दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव**
यह विवाद पोलैंड और यूक्रेन के बीच द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उत्पन्न विवादों के कारण हाल के दिनों में तनाव बढ़ा है। पोलैंड ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को दिए गए अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट ईगल’ को वापस लेने की चेतावनी दी है। यह कदम जेलेंस्की द्वारा यूक्रेनी इंसर्जेंट आर्मी (UPA) को दिए गए सम्मान के विरोध में उठाया गया है, जिस पर पोलैंड द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हजारों पोलिश नागरिकों की हत्या का आरोप लगाता है।
**निष्कर्ष**
पोलैंड और यूक्रेन के बीच यह विवाद द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उत्पन्न विवादों के कारण हाल के दिनों में तनाव बढ़ा है। पोलैंड ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को दिए गए अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट ईगल’ को वापस लेने की चेतावनी दी है। यह कदम जेलेंस्की द्वारा यूक्रेनी इंसर्जेंट आर्मी (UPA) को दिए गए सम्मान के विरोध में उठाया गया है, जिस पर पोलैंड द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हजारों पोलिश नागरिकों की हत्या का आरोप लगाता है।
