Source :- LIVE HINDUSTAN
डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को ₹55.5 प्रति लीटर से घटाकर ₹23 प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं ATF पर यह ड्यूटी ₹42 से घटाकर ₹33 प्रति लीटर कर दी गई है। यहां पेट्रोल के निर्यात पर पहले की तरह कोई ड्यूटी नहीं है।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर उपभोक्ताओं को जहां बड़ा झटका लगा है वहीं, रिफाइनरी कंपनियों को राहत मिली है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच केंद्र सरकार ने फ्यूल पर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटा दी है, जबकि घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल पर टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बता दें आज 1 मई से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम करीब 1000 रुपये बढ़ गए हैं।
डीजल और ATF पर कितना बदला टैक्स
सरकारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को ₹55.5 प्रति लीटर से घटाकर ₹23 प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं ATF पर यह ड्यूटी ₹42 से घटाकर ₹33 प्रति लीटर कर दी गई है। यहां पेट्रोल के निर्यात पर पहले की तरह कोई ड्यूटी नहीं है। केंद्र सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है, जब ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है और इसका असर भारत जैसे बड़े आयातक देशों पर पड़ रहा है।
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत क्यों बरकरार
सरकार ने साफ किया है कि देश के भीतर इस्तेमाल होने वाले पेट्रोल और डीजल पर टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पिछले करीब चार साल से घरेलू ईंधन कीमतों में स्थिरता बनाए रखने की नीति जारी है, ताकि आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का बोझ न बढ़े।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चुनौती
अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट के चलते कच्चे तेल की कीमतें इस महीने $120 प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। इससे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ा है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है, इसलिए ग्लोबल प्राइस में हर बदलाव का सीधा असर यहां की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ता है।
एयरलाइंस के लिए भी राहत की कोशिश
सरकार ने एविएशन सेक्टर को राहत देने के लिए ATF कीमतों में बढ़ोतरी पर भी नियंत्रण रखा है। अप्रैल में घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF की कीमतों में अधिकतम 25% तक ही मासिक बढ़ोतरी की सीमा तय की गई है। ATF एयरलाइंस की कुल ऑपरेटिंग लागत का करीब 40% हिस्सा होता है, ऐसे में इसकी कीमतों को नियंत्रित रखना जरूरी माना जा रहा है।
क्या होगा असर?
डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटाने से रिफाइनरी कंपनियों को राहत मिलेगी और निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है। वहीं घरेलू कीमतें स्थिर रहने से आम जनता को फिलहाल महंगाई से राहत मिलेगी।
इनपुट: रॉयटर्स
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



