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मध्यस्थता की बात करने वाले शरीफ ट्रंप को दे रहे धोखा? US नाकाबंदी के बीच डबल गेम; ईरान के लिए खोले 6 रास्ते

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Shehbaz Sharif Ditching Trump: अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ डेरेक जी. ग्रॉसमैन ने चेतावनी दी है कि ईरान को जमीन के रास्ते ये मार्ग उपलब्ध कराकर पाकिस्तान, ट्रंप की अधिकतम आर्थिक दबाव वाली रणनीति को कमजोर कर रहा है।

Shehbaz Sharif Ditching Trump: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान पर वॉशिंगटन के साथ दोहरा खेल खेलने का आरोप लग रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि पाकिस्तान ने हाल ही में ईरान को रूस, चीन और अन्य देशों के साथ व्यापार करने के लिए जमीन के रास्ते छह मार्ग उपलब्ध कराए हैं। माना जा रहा है कि यह कदम हॉर्मुज़ समुद्री मार्ग (Strait of Hormuz) के जरिए बाधित समुद्री व्यापार का विकल्प तैयार करने के लिए उठाया गया है। इन रास्तों के जरिए अब ईरान अमेरिकी नाकेबंदी के बावजूद रूस, चीन और अन्य देशों के साथ व्यापार जारी रख सकता है। पाकिस्तान के इस कदम से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस मुहिम को झटका लगा है, जिसके जरिए वह ईरान को घुटनों के बल पर लाना चाह रहे थे।

चूंकि पाकिस्तान की अमेरिका से भी दोस्ती है और ईरान से भी उसका याराना है, इसलिए दोनों को खुश करने के चक्कर में पाकिस्तान इस डबल गेम में फंसता नजर आ रहा है। ये कदम तब सामने आए जब इस हफ़्ते की शुरुआत में इस्लामाबाद ने आधिकारिक तौर पर ईरान जाने वाले सामान के लिए जमीन के रास्ते छह ट्रांज़िट मार्गों को मंज़ूरी दी। इसका मकसद अरब सागर में होर्मुज़ के रास्ते होने वाले समुद्री व्यापार की नाकेबंदी से बचना था। शहबाज शरीफ के इस फैसले से डोनाल्ड ट्रंप की “मैक्सिमम प्रेशर” नीति को बड़ा झटका लग सकता है।

US के राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ ग्रॉसमैन ने दी चेतावनी

अब, अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ डेरेक जी. ग्रॉसमैन ने चेतावनी दी है कि ईरान को जमीन के रास्ते ये मार्ग उपलब्ध कराकर पाकिस्तान, ट्रंप की “अधिकतम आर्थिक दबाव” वाली रणनीति को कमजोर कर रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इससे तेहरान को अपने बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकेबंदी से बचने और अपने तेल व्यापार को बिना किसी रुकावट के जारी रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा, “ट्रंप प्रशासन, आपके सामने एक समस्या है। आपका अच्छा दोस्त पाकिस्तान, ऐसा लगता है कि उसने अभी-अभी ईरान के लिए जमीन के रास्ते छह मार्ग खोल दिए हैं। इससे ईरान की सरकार को होर्मुज़ में आपकी नाकेबंदी से बचने में मदद मिलेगी। इससे ईरान को अमेरिकी दबाव का सामना करते रहने में मदद मिलेगी। इस्लामाबाद एक बार फिर अमेरिका के साथ दोहरा खेल खेल रहा है!”

पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल

ये ताज़ा टिप्पणियाँ, मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान की भूमिका को लेकर बढ़ रही आलोचनाओं को और आगे बढ़ाती हैं। इज़रायल पहले ही इस्लामाबाद पर भरोसा नहीं करने की बात कह चुका है। उसने इस्लामाबाद पर मध्यस्थता की प्रक्रिया में एक अविश्वसनीय खिलाड़ी होने का आरोप लगाया है। इस महीने की शुरुआत में, भारत में इज़रायल के राजदूत रूवेन अज़ार ने पाकिस्तान की एक विश्वसनीय मध्यस्थ के तौर पर काम करने की क्षमता पर संदेह व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था कि यह दक्षिण एशियाई देश भरोसेमंद नहीं है।

मध्यस्थ के तौर पर पाक नहीं पाकिस्तान

यहाँ तक कि ईरान ने भी बातचीत की प्रक्रिया में पाकिस्तान की निष्पक्षता पर संदेह व्यक्त किया है। ईरान के दशतेस्तान क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले और ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति आयोग के प्रवक्ता इब्राहिम रज़ाई ने इस्लामाबाद को तेहरान का “अच्छा दोस्त” तो बताया, लेकिन साथ ही इस बात पर जोर दिया कि वह “मध्यस्थ के तौर पर उपयुक्त नहीं है”। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाता है और अमेरिका के हितों को ज़्यादा तरजीह देता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN