Source :- LIVE HINDUSTAN
छत्तीसगढ़ के पावर प्लांट में हुए विस्फोट पर वेदांता लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि वक्त इम्तिहान ले रहा है। उन्होंने बताया कि प्लांट के ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओएंडएम) की पूरी जिम्मेदारी एनटीपीसी और GE की ज्वाइंट वेंचर NGSL को सौंपी गई थी।
छत्तीसगढ़ के पावर प्लांट में हुए विस्फोट पर वेदांता लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्लांट में हुआ विस्फोट एक दुखद घटना है और उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है। घटना के लगभग दो सप्ताह बाद उन्होंने अपने बेटे की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि वक्त इम्तिहान ले रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि प्लांट के ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस(ओएंडएम) की पूरी जिम्मेदारी एनटीपीसी और GE की ज्वाइंट वेंचर NGSL को सौंपी गई थी।
क्या कहा अनिल अग्रवाल ने?
अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा- हमारे एथेना प्लांट में हमने सुरक्षा के उच्चतम मानक लागू किए थे। ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस की पूरी जिम्मेदारी NGSL को दी गई थी जो एनटीपीसी और जीई के बीच साझेदारी है और भारत की सबसे भरोसेमंद संस्थाओं में एक मानी जाती है। कॉन्ट्रैक्टर, टीम और टेक्नीकल एक्सपर्ट, सभी उन्हीं के थे। इसी भरोसे पर हमने प्लांट का ऑपरेशन और मेंटेनेंस उन्हें सौंपा था। फिर भी यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई।
उन्होंने इसकी तुलना वाहन मालिक के भरोसेमंद ड्राइवर को गाड़ी सौंपने से करते हुए कहा कि कभी-कभी सभी सावधानियों के बावजूद हादसे हो जाते हैं। वेदांता चेयरमैन ने कहा- वेदांता में हर कॉन्ट्रैक्ट में सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यही प्रतिबद्धता एनटीपीसी और जीई की भी रही है। इसके बावजूद जब ऐसी त्रासदी होती है तो यह बेहद दुखद है।
इस दौरान उन्होंने अपने बेटे की मौत का भी जिक्र किया। अनिल अग्रवाल ने लिखा- सुना था वक्त अक्सर इम्तिहान लेता है, पिछले कुछ महीनों से मैं यह अनुभव भी कर रहा हूं। साल की शुरुआत में ही मैंने पहले अपने नौजवान बेटे को खो दिया और फिर इस महीने 14 अप्रैल को प्लांट में हुए अफसोसजनक हादसे ने, मुझसे 25 बेशकीमती साथी छीन लिए। मैं ऐसी असामयिक मृत्यु का दर्द भली भांति जानता हूं। दोनों ही हादसे, इतने पीड़ा से भरे लगते हैं, जिसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता।
25 मजदूरों की मौत
बता दें कि 14 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के सिंहितराई गांव स्थित वेदांता के पावर प्लांट में बॉयलर से टरबाइन तक उच्च दबाव की भाप ले जाने वाली स्टील ट्यूब में विस्फोट हुआ था। इसमें 25 मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। वेदांता ने जान गंवाले वालों के घरवालों को 35 लाख रुपये मुआवजा एवं रोजगार सहायता तथा घायलों को 15 लाख रुपये देने की घोषणा पहले ही कर दी है। इस घटना के संबंध में छत्तीसगढ़ पुलिस ने अग्रवाल सहित अन्य के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है।
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