Source :- LIVE HINDUSTAN
चर्चाओं से अवगत पाकिस्तान सरकार के दो सूत्रों ने बताया कि अराघची की यह यात्रा संक्षिप्त होगी, जिसका उद्देश्य अमेरिका के साथ बातचीत के लिए ईरान के प्रस्तावों पर चर्चा करना है। मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा पाकिस्तान इन प्रस्तावों को बाद में वॉशिंगटन तक पहुंचाएगा।
ईरान के शीर्ष राजनयिकों का एक दल शुक्रवार (24 अप्रैल) की रात पाकिस्तान की यात्रा पर पहुंच रहे हैं, जहां अधिकारी अमेरिका और ईरान को युद्धविराम वार्ता के दूसरे दौर के लिए सहमत करने की कोशिश में जुटे हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ ने पुष्टि की है कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ”द्विपक्षीय विचार-विमर्श” और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर केंद्रित यात्रा के लिए पाकिस्तान जा रहे हैं। हालांकि, इस्लामाबाद में उनकी वार्ता अप्रत्यक्ष तौर पर अमेरिका से होगी यानी अमेरिका से सीधी वार्ता न होकर वाया पाकिस्तान होगी। उनका अमेरिकी वार्ताकारों से मिलने का कोई कार्यक्रम नहीं है।
अराघची ने X पर एक बयान में कहा कि वह द्विपक्षीय मामलों पर सहयोगियों के साथ समन्वय करने और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर परामर्श करने के लिए पाकिस्तान, ओमान और रूस की यात्रा पर निकल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के पड़ोसी तेहरान की प्राथमिकता बने हुए हैं। एजेंसी ने बताया कि अराघची ओमान और रूस की भी यात्रा करेंगे। उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब विश्व के ज्यादातर देश एक ऐसे युद्ध को लेकर चिंतित है जिसने होर्मुज समुद्री मार्ग से ईंधन के निर्यात को बाधित कर दिया है, वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है और पश्चिम एशिया में हजारों लोगों की जान ली है।
अराघची की यह यात्रा संक्षिप्त होगी
चर्चाओं से अवगत पाकिस्तान सरकार के दो सूत्रों ने बताया कि अराघची की यह यात्रा संक्षिप्त होगी, जिसका उद्देश्य अमेरिका के साथ बातचीत के लिए ईरान के प्रस्तावों पर चर्चा करना है। मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा पाकिस्तान इन प्रस्तावों को बाद में वॉशिंगटन तक पहुंचाएगा। अराघची की यात्रा पर वॉशिंगटन की ओर से कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने, लगभग उसी समय जब यह खबर सामने आई, एक ब्रीफिंग में कहा कि ईरान के पास अमेरिका के साथ एक “अच्छा समझौता” करने का अवसर है।
पाक शांति वार्ता को फिर से पटरी पर लाना चाह रहा
इससे पहले, दो पाकिस्तानी अधिकारियों ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि अराघची एक छोटे सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान आ रहे हैं। अराघची की पाकिस्तान यात्रा और किसी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के भी ऐसा करने के बारे में पूछे गए सवालों पर वाइट हाउस ने फिलहाल कोई जवाब नहीं दिया है। दरअसल, इस्लामाबाद, ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता को फिर से पटरी पर लाने और उसे गति देने की कोशिश कर रहा है, जो इस सप्ताह फिर से शुरू होने वाली थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
पाक अधिकारियों से अराघची की बात
शुक्रवार को वाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘जोन्स एक्ट’ छूट को 90 दिनों के लिए बढ़ा दिया, जिससे युद्ध के बाद गैर-अमेरिकी जहाजों के लिए तेल और प्राकृतिक गैस का परिवहन करना आसान हो गया है। ट्रंप ने सबसे पहले मार्च के मध्य में 60 दिनों की छूट की घोषणा की थी। शुक्रवार को राजनयिक प्रयासों के तहत, अराघची और पाकिस्तानी अधिकारियों ने युद्धविराम के विवरण पर चर्चा की, जो कि इस्लामाबाद द्वारा ईरान को वाशिंगटन के साथ वार्ता के दूसरे दौर के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजने के लिए राजी करने के प्रयास का हिस्सा है।
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