Source :- LIVE HINDUSTAN
8th Pay Commission Updates: कर्मचारी संगठनों ने पे कमीशन के सामने कई बड़ी डिमांड को रख दिया है। संगठनों ने कहा है कि जब भी डीए और डीआर 25 प्रतिशत को क्रॉस कर जाए उसे बेसिक पे से मिला दिया जाए।
8th Pay Commission Updates: जैसे-जैसे दिन बीत रहा है वैसे-वैसे 8वां वित्त आयोग अपनी प्रक्रिया में तेजी ला रहा है। पे कमिशन, कर्मचारी संगठनों से लगातार बातचीत में है। जिससे उनकी मांग का पता लगाया जा सके। सभी पक्षों के साथ बातचीत के ही आधार पर पे कमीशन, कर्मचारियों की सैलरी, भत्ते, इंक्रीमेंट, डीए आदि पर फैसला लेगा।
NC-JCM की तरफ से 8वें पे कमीशन को सौंपे गए लेटेस्ट मोमेरंडम के अनुसार जिसमें महंगाई भत्ते को 25 प्रतिशत की दर से मूल वेतन में मिलाना, कई अन्य लाभ को बढ़ाना आदि शामिल है।
25% डीए को मूल वेतन से मिला दिया जाए (8th Pay Commission DA Updates)
जो मांगे रखी गई हैं उसमें सबसे प्रमुख डीए मर्जर का है। एनसी-जेसीएम की तरफ से 8वें पे कमीशन के सामने डिमांड रखी गई है कि जब भी डीए 25 प्रतिशत को क्रॉस कर जाए उसे बेसिक पे और पेंशन के साथ मिला दिया जाए। मौजूदा समय में डीए 60 प्रतिशत है। इस बार सरकार ने जनवरी 2026 के लिए 2 प्रतिशत डीए में बढ़ोतरी का ऐलान किया है।
पे कमीशन को सौंपे गए डिमांड के अनुसार, “कीमतों का कैलकुलेशन मार्केट के आधार पर किया जाए ना सरकारी दर पर। हम प्रस्ताव करते हैं कि जब भी डीए या डीआर 25 प्रतिशत को क्रॉस कर जाए इसे बेसिक पे या फिर बेसिक पेंशन के साथ मिला दिया जाए।” बता दें, सरकार की तरफ से हर साल दो बार डीए और डीआर में इजाफा होता है। अगर डीए का मर्जर 25 प्रतिशत पर बेसिक सैलरी में होने लगा। तब की स्थिति में HRA, ग्रेजुएटी और रिटायरमेंट के फायदे बढ़ जाएंगे।
डीए कैलकुलेशन को बदलने की मांग (8th Pay Commission News)
संगठन का कहना है कि मौजूदा कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स सरकारी कर्मचारियों के मौजूदा खर्च को ठीक से दिखाता नहीं है। इस समय का 12 महीने के औसत के आधार पर हो रहा कैलकुलेशन महंगाई के सही असर को दिखा नहीं पाता है। 8वें पे कमीशन को प्रस्ताव दिया गया है कि औसतन इसे 6 महीने में किया जाए।
HRA को 40% तक बढ़ाने की मांग (8th Pay Commission Latest News)
कर्मचारी संगठनों ने एचआरए को 40 प्रतिशत तक बढ़ाने की मांग की है।
X शहर (50 लाख से अधिक की जनसंख्या वाला) – बेसिक पे का 40 प्रतिशत
Y शहर – 35 प्रतिशत
Z शहर – 30 प्रतिशत
मोमेरंडम के अनुसार HRA को डीए से जोड़ दिया जाए। जिससे ऑटोमेटिक रिवीजन हो जाए। वहीं, शहरों का वर्गीकरण हर 5 साल में हो।
भत्तों में 3 गुना इजाफा
ट्रांसपोर्ट अलाउंस – 3 गुना बढ़ाया जाए।
रोजाना यात्रा भत्ता – 3 गुना बढ़ाया जाए।
रोगी का ध्यान/ नर्सिंग भत्ते को – 3 गुना बढ़ाया जाए।
ड्रेस का भत्ता – 3 गुना बढ़ाया जाए।
अब देखना है कि 8वां वित्त आयोग कर्मचारी संगठनों की कितने डिमांड को पूरा करता है।
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