Source :- LIVE HINDUSTAN
इजरायल और लेबनान के बीच हुए सीजफायर के बाद ईरान ने होर्मुज पर अपना रुख नरम किया है। तेहरान ने व्यापारिक जहाजों के लिए होर्मुज स्ट्रेट को खोलने का ऐलान किया है। लेकिन दूसरी तरफ ट्रंप ने होर्मुज से अमेरिकी ब्लाकेड को हटाने से इनकार कर दिया है।
Strait of Hormuz: पश्चिम एशिया का संकट धीरे-धीरे कम होता नजर आ रहा है। लेबनान और इजरायल के बीच हुए सीजफायर के बाद ईरान ने व्यापारिक जहाजों के लिए होर्मुज स्ट्रेट के दरवाजे खोल दिए हैं। शुक्रवार को ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने इस्लामी सरकार के इस फैसले का ऐलान करते हुए कहा कि सीजफायर की अवधि तक होर्मुज स्ट्रेट सभी व्यापारिक जहाजों के लिए खुला हुआ है। ईरानी विदेश मंत्री के इस ऐलान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसकी जानकारी देते हुए धन्यवाद कहा। हालांकि इसके कुछ देर बाद ही ट्रंप ने एक और सोशल मीडिया पोस्ट करते हुए कहा कि जब तक ईरान से शांति समझौता नहीं हो जाता, तब तक होर्मुज पर ईरानी ब्लाकेड जारी रहेगा।
ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, “लेबनान में हुए सीजफायर को देखते हुए सभी व्यापारिक जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित रूप से निकलने की खुली छूट है। यह छूट सीजफायर की बाकी अवधि के लिए दी गई है। इन व्यापारिक जहाजों का पारागमन इस्लामिक गणराज्य के बंदरगाहों और समुद्री संगठन द्वारा पहले से घोषित मार्ग पर ही होगा।”
ट्रंप ने किया स्वागत, लेकिन अमेरिकी ब्लाकेड जारी
ईरानी विदेश मंत्री के इस ऐलान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसका स्वागत किया। उन्होंने सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर लिखा, “ईरान ने हाल ही में स्ट्रेट ऑफ ईरान को पूरी तरह से खोलने का ऐलान किया है। अब यह पूरी तरह से गुजरने के लिए तैयार है। धन्यवाद” अपने इस पोस्ट में ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को स्ट्रेट ऑफ ईरान कहकर संबोधित किया था।
इसके बाद एक और पोस्ट करते हुए ट्रंप ने लिखा, “होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से खुला हुआ है और व्यापार करने के लिए तैयार है। लेकिन अमेरिकी ब्लाकेड तब तक जारी रहेगा, जब तक ईरान के साथ शांति समझौता नहीं हो जाता। हमें उम्मीद है कि यह जल्दी हो जाएगा। क्योंकि ज्यादातर मुद्दों पर बातचीत हो चुकी है।”
गौरतलब है कि ईरानी विदेश मंत्री की तरफ से यह बयान ऐसे समय में आया है, जब ईरान और अमेरिका एक बार फिर से बातचीत की टेबल पर आते हुए दिख रहे हैं। ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान को एक कठिन और स्मार्ट देश बताते हुए कहा था कि बातचीत का अगला दौर जल्दी ही शुरू हो सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए दावा किया था कि ईरान इनरिच्ड यूरेनियम देने के लिए तैयार हो गया है। हालांकि, बाद में ईरान ने इन दावों को खारिज कर दिया।
यूरेनियम को लेकर भले ही दोनों पक्षों के बीच में सहमति नहीं बनी हो, लेकिन लेबनान में हुए सीजफायर के बाद ईरान ने होर्मुज का रास्ता खोल दिया है। लेकिन ट्रंप अभी भी ईरान पर शांति समझौते के लिए दबाव बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने इस रास्ते पर ब्लाकेड को जारी रखने का ऐलान किया है। बता दें, होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान अमेरिका और अन्य देशों के जहाजों को रोक रहा था। ईरान का कहना था कि अगर किसी देश को यहां से गुजरना है, तो उसे इसकी इजाजत लेनी होगी। दूसरी तरफ, जब ईरान होर्मुज खोलने के लिए राजी नहीं हुआ और इस्लामाबाद वार्ता विफल हो गई, तो अमेरिका ने होर्मुज से निकलने वाले ईरानी जहाजों को रोकने का फैसला किया। इसके बाद अमेरिका ने ओमान से लेकर ईरान-पाकिस्तान सीमा के पास तक से होर्मुज पर ब्लाकेड लागू कर दिया।
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