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कौन हैं 20 वर्षीय आयुष शेट्टी, जिन्होंने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में बनाई जगह?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

20 साल के आयुष शेट्टी ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में शनिवार को थाईलैंड के डिफेंडिंग चैंपियन और वर्ल्ड नंबर 1 कुनलावुत विटिडसार्न को 10-21, 21-19, 21-17 से हराकर मेन्स सिंगल्स फाइनल में जगह बनाई। शेट्टी 1965 के बाद फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय मेन्स सिंगल्स खिलाड़ी बने। जानिए वे कौन हैं?

20 साल के आयुष शेट्टी ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में अपनी ज़बरदस्त जीत का सिलसिला जारी रखा। इस नई पीढ़ी के भारतीय खिलाड़ी ने शनिवार को इस इवेंट में थाईलैंड के डिफेंडिंग चैंपियन और वर्ल्ड नंबर 1 कुनलावुत विटिडसार्न को 10-21, 21-19, 21-17 से हराकर मेन्स सिंगल्स फाइनल में जगह बनाई। शेट्टी 1965 के बाद फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय मेन्स सिंगल्स खिलाड़ी बने।

वर्ल्ड नंबर 1 कुनलावुत विटिडसार्न को पहले सेट में पिछड़ने के बावजूद हराया

हालांकि पहला गेम 2023 वर्ल्ड जूनियर ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट के पक्ष में नहीं था, लेकिन शेट्टी ने अपनी शुरुआती हार से उबरते हुए अगले दो गेम आराम से जीते और ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट विटिडसार्न को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। दूसरे गेम में आयुष ने 12-4 की बढ़त ले ली और हालांकि विटिडसार्न ने 13-11 से अंतर कम कर लिया, लेकिन भारतीय हमेशा आराम से दिखे।तीसरे गेम में भी उसी कॉन्फिडेंस के साथ उतरते हुए आयुष ने 1 घंटे 15 मिनट में एशियन चैंपियनशिप में अपनी पहली फाइनल जगह पक्की कर ली।

फाइनल में इन खिलाड़ियों में से किसी एक से होगा मुकाबला

अब उनका सामना चाउ टिएन चेन (विश्व रैंकिंग 6) और शि यू की (विश्व रैंकिंग 2) के बीच होने वाले मैच के विनर से होगा। अगर आयुष फाइनल मैच में स्वर्ण पदक जीतने में सफल होते हैं, तो 2023 के बाद यह भारत का पहला स्वर्ण पदक होगा। 2023 में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने पुरुष युगल में स्वर्ण पदक जीता था। इस टूर्नामेंट में आयुष का प्रदर्शन अब तक शानदार रहा है। आज के मैच से पहले उन्होंने एक भी गेम नहीं गंवाया था। सेमीफाइनल में उन्होंने दुनिया के नंबर 4 खिलाड़ी जोनाथन क्रिस्टी को हराया था, और उससे पहले उन्होंने दुनिया के नंबर 7 खिलाड़ी ली शिफेंग को भी मात दी थी।

कर्नाटक के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखते हैं आयुष

आयुष कर्नाटक के कारकाला के पास स्थित सानूर नामक छोटे से कस्बे के रहने वाले हैं। उन्होंने 8 साल से ही बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया था। उनके पिता ने उन्हें इस खेले से पहली बार रू-ब-रू कराया था। शुरुआती सालों में ही आयुष अच्छा बैडमिंटन खेलने लगे थे, जिसकी वजह से उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उनका परिवार बेहतर प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करने के लिए बेंगलुरु में स्थानांतरित हो गया। प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी के शीर्ष प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में शेट्टी ने अपनी फुर्ती, कोर्ट पर चाल और आक्रामक शैली को निखारा और जल्द ही भारत की सबसे होनहार प्रतिभाओं में से एक के रूप में उभरे।

2025 से बड़े मंचों पर मिलनी शुरू हुई सफलता

20 साल की उम्र के शेट्टी को पिछले साल से बड़े मंचों पर सफलता मिलनी शुरू हुई। उन्होंने यूएस ओपन का खिताब जीता, जिसमें उन्होंने ब्रायन यांग को सीधे गेमों में हराया और 2025 में बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने। उन्होंने अपने बहुत छोटे से करियर में कई बड़े खिलाड़ियों को हराने का कारनामा भी किया है।एशिया चैंपियनशिप में ली शी फेंग और चिन यू जेन जैसे शीर्ष 10 खिलाड़ियों पर जीत हासिल करने से अब आयुष का नाम प्रतिभाशाली और संयमित शटलर के रूप में मजबूती से दर्ज हो रहा है।

जूनियर करियर के दौरान भी दिखाया कमाल

2025 और 2026 में मिली अंतरराष्ट्रीय सफलता से पहले ही शेट्टी ने अपने जूनियर करियर में भी कमाल किया था। उन्होंने स्पोकेन, यूएसए में 2023 विश्व जूनियर चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता, 2021 में डेनमार्क जूनियर इंटरनेशनल जीता और ओडिशा मास्टर्स सुपर 100 (2023), बहरीन इंटरनेशनल चैलेंज (2023) और डच ओपन (2024) के फाइनल में पहुंचे।

बैडमिंटन के नए हीरो बन सकते हैं आयुष

अपनी दमदार आक्रामक खेल शैली, सटीक शॉट-मेकिंग और दबाव में भी शांत रहने के लिए जाने जाने वाले शेट्टी भारतीय बैडमिंटन सितारों की अगली पीढ़ी का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। देश जब प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए नए हीरो को तैयार करने की कोशिश कर रहा है, तब आयुष शेट्टी का सानूर के एक छोटे से गांव के एक घर के आंगन से विश्व चैंपियन को हराने तक का सफर एक बड़े बैडमिंटन खिलाडड़ी के आगमन की कहानी बयान करता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN