Source :- LIVE HINDUSTAN
विप्रो ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया है कि उसका बोर्ड अपनी अगली बैठक में इक्विटी शेयरों की बायबैक के प्रस्ताव पर विचार करेगा। पिछले लगभग तीन वर्षों में यह पहली बार होगा जब विप्रो शेयर बायबैक पर विचार करेगी। इससे पहले, जून 2023 में इस तरह की प्रक्रिया अपनाई गई थी।
Wipro share price: दिग्गज IT कंपनी विप्रो के शेयरधारक हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, विप्रो ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया है कि उसका बोर्ड 15-16 अप्रैल 2026 को होने वाली अपनी अगली बैठक में इक्विटी शेयरों की बायबैक के प्रस्ताव पर विचार करेगा। इसके अलावा, कंपनी 16 अप्रैल को मार्च तिमाही के अपने नतीजे भी जारी करेगी। विप्रो ने कहा कि उसका बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स इक्विटी शेयरों की बायबैक के प्रस्ताव का मूल्यांकन करेगा। इसके साथ ही वे इस प्रक्रिया के लिए जरूरी और इससे जुड़े अन्य मामलों पर भी विचार करेंगे। यह सेबी के सिक्योरिटीज की बायबैक रेगुलेशंस और अन्य संबंधित कानूनों के लागू प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा। इस ऐलान के बीच गुरुवार को विप्रो के शेयर गुरुवार को मामूली गिरावट के साथ 202 रुपये पर बंद हुए।
पिछले लगभग तीन वर्षों में यह पहली बार होगा जब विप्रो शेयर बायबैक पर विचार करेगी। इससे पहले, जून 2023 में इस तरह की प्रक्रिया अपनाई गई थी। उस बायबैक में, विप्रो ने 22 जून से 30 जून के बीच ₹12,000 करोड़ के शेयर वापस खरीदे। इसमें कंपनी ने ₹445 प्रति शेयर की दर से 26.96 करोड़ इक्विटी शेयर या अपनी कुल इक्विटी का 4.91% हासिल किए। दिसंबर 2024 में घोषित 1:1 बोनस इश्यू के लिए इस कीमत को समायोजित नहीं किया गया है।
विप्रो के तिमाही नतीजे का इंतजार
विप्रो ने बताया कि 16 अप्रैल को कंपनी के तिमाही नतीजे का ऐलान किया जाएगा। बता दें कि विप्रो का वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में मुनाफा सात प्रतिशत घटकर 3,119 करोड़ रुपये रहा। यह गिरावट नई श्रम संहिता के लागू होने के कारण 302.8 करोड़ रुपये के एकमुश्त अस्थायी प्रावधान के कारण आई थी। तीसरी तिमाही में विप्रो की परिचालन आय 5.5 प्रतिशत बढ़कर 23,555.8 करोड़ रुपये हो गई।
ब्रोकरेज फर्मों ने क्या कहा?
ब्रोकरेज फर्मों को उम्मीद है कि विप्रे Q4FY26 में कमजोर प्रदर्शन करेगी। इसकी मुख्य वजह वेतन में बढ़ोतरी और इंटीग्रेशन की लागत होगी। ब्रोकरेज नुवामा ने कहा कि कमाई को लेकर सतर्क है। अनुमान है कि नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 9% से ज्यादा गिरकर लगभग ₹3,239 करोड़ हो जाएगा और इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 6% की गिरावट आएगी। हालांकि, राजस्व के मजबूत बने रहने की उम्मीद है।
नुवामा का अनुमान है कि राजस्व में साल-दर-साल 8% से अधिक की बढ़ोतरी होगी। इस तिमाही के लिए राजस्व ₹24,397 करोड़ रहने का अनुमान है, जिसका मतलब है कि पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें लगभग 4% की बढ़ोतरी होगी। कंपनी ने इस तिमाही के लिए अब तक कोई डिविडेंड घोषित नहीं किया है। इससे पहले, दिसंबर तिमाही में ₹6 प्रति शेयर और जून तिमाही में ₹5 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दिया था।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



