Source :- LIVE HINDUSTAN
घर में ज्वेलरी रखने वाले ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है। दरअसल, ग्राहकों को शेयर की तरह अब चांदी के बायबैक की भी सुविधा मिलेगी। अब ग्राहकों को चांदी की अच्छे बायबैक रेट के आधार पर बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।
अगर आपके पास चांदी की ज्वेलरी, सिक्के या बार पड़े हुए हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, ग्राहकों को शेयर की तरह अब चांदी के बायबैक की भी सुविधा मिलेगी। इसके तहत, ग्राहक अपने चांदी आभूषण की स्टैंडर्ड रिफाइनिंग और प्योरिटी जांच के बाद उसे बेच सकते हैं। ग्राहकों को अच्छे बायबैक रेट के आधार पर बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।
क्या है मामला?
दरअसल, सोने-चांदी की रिफाइन करने के लिए मशहूर MMTC-PAMP ने चांदी के सिक्कों, बार और ज्वेलरी के लिए एक व्यवस्थित ‘बायबैक’ (वापसी खरीद) सेवा शुरू की है। MMTC-PAMP की योजना इस सेवा को पूरे भारत में अपने चुनिंदा रिटेल स्टोर पर उपलब्ध कराने की है। बता दें कि MMTC-PAMP लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) द्वारा ‘गुड डिलीवरी’ का दर्जा प्राप्त सोने और चांदी का रिफाइनर है। यह भारत में सोने की रीसाइक्लिंग के लिए 17 स्टोर संचालित करता है।
किन शहरों में लॉन्च?
इस बायबैक प्रोजेक्ट के लॉन्च के पहले चरण में MMTC-PAMP कोलकाता, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, लुधियाना, अहमदाबाद, मुंबई और नई दिल्ली में अपने चुनिंदा एक्सक्लूसिव ब्रांड स्टोर और शुद्धता जांच केंद्रों पर चांदी की रीसाइक्लिंग का काम शुरू करेगा। कंपनी अगले वित्त वर्ष में भारत भर में अपने सभी स्टोरों में इस सेवा का विस्तार करने की योजना बना रही है। इसका लक्ष्य इन केंद्रों पर चांदी के लिए भी अपनी बायबैक सेवा का विस्तार करना है।
कैसे होगी प्रक्रिया?
MMTC-PAMP की चांदी बायबैक प्रक्रिया का लाभ उठाने के लिए ग्राहक कंपनी के प्यूरिटी वेरिफिकेशन सेंटर पर जाकर अपने चांदी के उत्पादों को वेरिफाई करवा सकते हैं। बार, सिक्के और ज्वेलरी को पिघलाया जाएगा और फिर सुरक्षा निगरानी में XRF टेक्नोलॉजी के तहत उनकी जांच की जाएगी। यह टेक्नोलॉजी सटीक शुद्धता के लिए इंडस्ट्री का स्टैंडर्ड है। इसके बाद रिफाइनिंग और बायबैक के लिए जरूरी दस्तावेजी कार्रवाई पूरी होने के बाद, चांदी का मूल्यांकन बाजार में चल रहे सबसे अच्छे बायबैक रेट के आधार पर किया जाएगा और ग्राहक के बताए गए बैंक खाते में तुरंत भुगतान कर दिया जाएगा।
क्या कहा कंपनी के अधिकारी ने?
MMTC-PAMP के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO समित गुहा ने कहा कि भारतीय परिवारों के पास कुल मिलाकर लगभग 35,000 टन सोना और उससे कहीं ज्यादा चांदी है। जहां एक ओर वैश्विक स्तर पर चांदी की खदानों से उत्पादन क्षमता में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हो रही है। वहीं दूसरी ओर, चांदी की मांग कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ती दिख रही है। गुहा ने कहा- मौजूदा हालात को देखते हुए, हमें उम्मीद है कि रीसायकल की गई चांदी, मौजूदा आपूर्ति-मांग के अंतर को पाटने में अहम भूमिका निभाएगी।
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