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ईरान अपने वादे का सम्मान करता है; तनाव के बीच अमेरिका संग शांति वार्ता को तैयार तेहरान

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के लिए सीजफायर है। इसके बावजूद तनाव जारी है। इस बीच ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने सैन्य तनाव में भारी बढ़ोतरी के बावजूद तेहरान के शांति वार्ता आगे बढ़ाने के लिए सतर्क तैयारी का संकेत दिया है।

अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के लिए सीजफायर है। इसके बावजूद तनाव जारी है। इस बीच ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने सैन्य तनाव में भारी बढ़ोतरी के बावजूद तेहरान के शांति वार्ता आगे बढ़ाने के लिए सतर्क तैयारी का संकेत दिया है। ब्रिटिश चैनल आईटीवी न्यूज से बातचीत करते हुए खतीबज़ादेह ने कहा कि हालिया ईरानी सैन्य कार्रवाई लगातार उकसावों का अनिवार्य जवाब थी। उन्होंने बताया कि कल रात बेहद नाजुक रात थी, क्योंकि इन नए हमलों का जवाब देने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा था। उप विदेश मंत्री ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की सराहना करते हुए कहा कि इस्लामाबाद के राजनयिक प्रयासों से स्थिति स्थिर हुई।

उन्होंने आगे बताया कि कई दौर की बातचीत हुई और पाकिस्तान के माध्यम से संदेश भेजे गए। हमें उम्मीद है कि अमेरिका अपने सहयोगी को नियंत्रित रखेगा और इस बार वास्तव में अपने वादों का सम्मान करेगा तथा तयशुदा समझौते के प्रति प्रतिबद्ध रहेगा। युद्धविराम की नाजुक स्थिति के बीच भी ईरानी अधिकारी ने उच्च स्तरीय वार्ताओं की योजनाओं को जारी रखने की पुष्टि की। खतीबजादेह ने कहा कि इस समय जब मैं बोल रहा हूं, मुझे उम्मीद है कि हम पाकिस्तान की ओर बढ़ सकेंगे। यही कार्यक्रम और एजेंडा है जिस पर हम काम कर रहे हैं। अमेरिकी पक्ष भी इसी दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है।

हम जल्द ही पाकिस्तान में मिलेंगे

शिखर वार्ता की संभावना पर उन्होंने व्यापक समाधान की इच्छा जताई और आईटीवी न्यूज को बताया कि मेरी समझ से अमेरिकी पक्ष भी इसी दिशा में काम कर रहा है। इसलिए हमें उम्मीद है कि हम जल्द ही पाकिस्तान में मिल सकेंगे और पूरे मध्य पूर्व में स्थायी शांति के लिए एक समझौता कर सकेंगे। वहीं, लेबनान के प्रति तेहरान की प्रतिबद्धता और इजरायल के संभावित नए हमलों पर ईरान के रुख के बारे में पूछे जाने पर खतीबजादेह ने जोर देकर कहा कि ईरान अपने राजनयिक वचनों का पालन करता है। उन्होंने कहा कि ईरान ने दुनिया को दिखा दिया है कि वह शायद ही बातचीत करता है, लेकिन जब करता है तो अपने वादे का सम्मान करता है और समझौते को पूरा करने की पूरी कोशिश करता है।

चयनित शांति टिकाऊ नहीं

हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कुछ क्षेत्रों को अलग-थलग कर दिया जाए या संघर्ष के मूल कारणों को नजरअंदाज किया गया तो स्थायी स्थिरता असंभव है। उप विदेश मंत्री ने दावा किया कि मध्य पूर्व की कई दशकों पुरानी समस्याओं की जड़ इजरायली शासन का विनाशकारी और अनैतिक व्यवहार रहा है। खतीबजादेह ने तर्क दिया कि चयनित शांति टिकाऊ नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में स्थायी शांति की कल्पना तब तक नहीं की जा सकती, जब तक सभी क्षेत्रीय हितधारकों को शामिल करते हुए एक समावेशी समझौता न हो। लेबनान को शामिल करना केवल ईरान की मांग नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है।

क्या बोली ईरानी संसद के अध्यक्ष

दूसरी ओर ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ, जो इस्लामाबाद वार्ता के लिए तेहरान प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, ने इजरायली पक्ष पर ‘10-सूत्री प्रस्ताव’ के तीन प्रमुख प्रावधानों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। इनमें लेबनान में युद्धविराम का उल्लंघन, ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसपैठ और ईरान के यूरेनियम संवर्धन अधिकार से इनकार शामिल हैं। गालिबफ ने बयान में कहा कि अमेरिका के प्रति हमारा गहरा ऐतिहासिक अविश्वास उसके बार-बार प्रतिबद्धताओं के उल्लंघन से उत्पन्न होता है, जो दुर्भाग्य से एक बार फिर दोहराया गया है।

हमारी उंगली ट्रिगर पर है: नेतन्याहू

वहीं, इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ किया कि लेबनान में युद्धविराम अस्थायी समझौते का हिस्सा नहीं था। उन्होंने कहा कि मैंने इस बात पर जोर दिया था कि ईरान के साथ अस्थायी युद्धविराम में हिजबुल्लाह को शामिल न किया जाए और हम उन पर लगातार जोरदार हमले जारी रख रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि हमारे अभी भी कुछ लक्ष्य बाकी हैं, जिन्हें हम या तो समझौते से या लड़ाई फिर शुरू करके हासिल करेंगे। हम जरूरत पड़ने पर किसी भी क्षण युद्ध में लौटने के लिए तैयार हैं। हमारी उंगली ट्रिगर पर है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN