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Anthropic का नया AI मॉडल जिसका नाम Claude Mythos Preview है, इतना खतरनाक है कि यह किसी भी सॉफ्टवेयर को हैक कर सकता है। इसी वजह से अब कंपनी इसे फिलहाल आम लोगों के लिए रिलीज करने से करता रही है। जानिए क्यों डर रही है कंपनी
Anthropic Claude Mythos: AI दिनोंदिन और ज्यादा शक्तिशाली होता जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण है एंथ्रोपिक का नया एआई टूल जो किसी भी सॉफ्टवेयर को हैक करने में सक्षम है। खबर है कि कंपनी खुद इसे आम लोगों के लिए जारी करने से कतरा रही है, क्योंकि इससे प्राइवेसी को लेकर एक बड़ा खतरा पैकदा हो सकता है। दरअसल, Anthropic ने अपने नए एआई मॉडल की घोषणा की है, जिसका नाम Claude Mythos Preview है। यह नया मॉडल कंपनी का अब तक का सबसे एडवांस्ड मॉडल है, यह अपने पुराने Claude Opus 4.6 मॉडल के साथ-साथ Gemini 3.1 जैसे मॉडल्स को अलग-अलग पैमानों पर पीछे छोड़ देता है। गौर करने वाली बात यह है कि, क्लॉड मिथोस प्रिव्यू इतना शक्तिशाली हो सकता है कि एंथ्रोपिक अभी इसे जारी करने के लिए तैयार नहीं है, और इसका कारण साइबर सिक्योरिटी है।
एंथ्रोपिक के सीईओ का दावा है कि क्लॉड मिथोस इतना शक्तिशाली है कि यह हजारों ऐसी साइबर सुरक्षा कमियों (vulnerabilities) का पता लगाने में सक्षम था, जिन्हें ऐप्स और ऑपरेटिंग सिस्टम में इंसानों ने नजरअंदाज कर दिया था। इसके चलते, एंथ्रोपिक ने घोषणा की है कि वह मिथोस का उपयोग करने और इस मॉडल को संभावित रूप से आम लोगों के लिए जारी करने से पहले ऐसी कमियों को ठीक करने के लिए 40 से अधिक टेक कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
क्लॉड मिथोस ने साइबर सुरक्षा में ऐसी कमियां ढूंढ़ निकालीं, जिन्हें इंसान नहीं ढूंढ़ पाए थे
एंथ्रोपिक ने एक ब्लॉग में बताया कि क्लॉड मिथोस प्रिव्यू वेब ब्राउजर और ऑपरेटिंग सिस्टम में “हजारों जीरो-डे कमजोरियों” की पहचान कर सकता है, जो साइबर सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा खतरा बन सकती हैं। जीरो-डे कमजोरियों से मतलब उन खामियों से है, जिनकी पहचान सॉफ्टवेयर डेवलपर्स ने पहले नहीं की थी।
इसमें OpenBSD में 27 साल पुरानी एक कमजोरी भी शामिल थी। OpenBSD एक ओपन-सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम है जो अपनी सिक्योरिटी-फर्स्ट अप्रोच के लिए जाना जाता है, और इसका इस्तेमाल अक्सर फायरवॉल और सर्वर में किया जाता है। क्लॉड मिथोस प्रिव्यू को Linux kernel में भी कई कमजोरियां मिलीं, जिसका इस्तेमाल दुनियाभर के ज्यादातर सर्वर चलाने के लिए किया जाता है। Anthropic ने दावा किया कि इन कमजोरियों का फायदा उठाकर कोई हमलावर “एक आम यूजर के एक्सेस से आगे बढ़कर मशीन पर पूरा कंट्रोल हासिल कर सकता है।”
ध्यान दें कि क्लॉड मिथोस को सबसे पहले एंथ्रोपिक के कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) के एक डेटा लीक में देखा गया था। उस समय कंपनी ने इस बात की पुष्टि की थी कि यह अब तक का उसका सबसे शक्तिशाली AI मॉडल होगा।
एंथ्रोपिक ने लॉन्च किया प्रोजेक्ट ग्लासविंग
खबर है कि एंथ्रोपिक ने क्लॉड मिथोस को आम जनता के लिए जारी करने में देरी करने, या शायद इसे रद्द ही कर देने, का फैसला किया है। इसके बजाय, कंपनी ने ‘Project Glasswing’ लॉन्च किया है, जिसके तहत वह प्रमुख टेक कंपनियों के साथ मिलकर अलग-अलग ऐप्स और ऑपरेटिंग सिस्टम में मौजूद ऐसी कमजोरियों की पहचान करेगी और उन्हें ठीक करेगी। इस कंसोर्टियम में ऐप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, अमेजन वेब सर्विसेज, क्राउडस्ट्राइक, पालो अल्टो नेटवर्क्स, सिस्को, ब्रॉडकॉम और लिनक्स फाउंडेशन जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं।
एंथ्रोपिक के CEO Dario Amodei ने एक्स पर लिखा, “इसमें गलती करने के खतरे साफ हैं, लेकिन अगर हम इसे सही करते हैं, तो हमारे पास एक ऐसा इंटरनेट और दुनिया बनाने का असली मौका है जो AI-पावर्ड साइबर क्षमताओं के आने से पहले की तुलना में कहीं ज्यादा सुरक्षित हो।”
प्रोजेक्ट ग्लासविंग क्यों महत्वपूर्ण है
एंथ्रोपिक का दावा है कि क्लॉड मिथोस इस बात का सिर्फ एक उदाहरण है कि AI मॉडल कितने एडवांस्ड हो गए हैं। कंपनी का मानना है कि ऐसी कमजोरियों को अभी ठीक करना जरूरी है, इससे पहले कि ऐसे मॉडल और ज्यादा फैल जाएं। कंपनी के ऑफिशियल एक्स अकाउंट ने लिखा, “AI की तरक्की की रफ्तार को देखते हुए, अब ज्यादा समय नहीं लगेगा जब इतने काबिल मॉडल हर जगह फैल जाएंगे।”
एंथ्रोपिक, अमेरिकी सरकार की एजेंसियों और सुरक्षा संगठनों के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि बहुत शक्तिशाली AI मॉडल्स को सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से इस्तेमाल करने के लिए सुरक्षा उपाय और सबसे अच्छी तरीके विकसित किए जा सकें।”
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