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RBI Monetary Policy: रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, EMI कम होने का अभी करें इंतजार

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Source :- LIVE HINDUSTAN

RBI Monetary Policy: आरबीआई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में लिए गए फैसलों का ऐलान गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कर दिया है। आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यह 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा है। कमेटी ने यह फैसला सर्वसम्मति से लिया है।

आरबीआई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में लिए गए फैसलों का ऐलान गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कर दिया है। आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यह 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा है। कमेटी ने यह फैसला सर्वसम्मति से लिया है।इसका मतलब है कि होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन सस्ता होने के लिए अभी और इंतजार करना है। या ईएमआई भी कम होने नहीं होगी।

आरबीआई गवर्नर ने जीडीपी पर क्या कहा

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण बढ़ी अनिश्चितता का असर इकोनॉमिक आउटलुक पर पड़ रहा है। हेडलाइन मुद्रास्फीति नियंत्रित है और केंद्रीय बैंक के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे है। इस साल के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.9 पर्सेंट है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया जीडीपी ग्रोथ पहली तिमाही में 6.8%, दूसरी तिमाही में 6.7%, तीसरी तिमाही में 7% और चौथी तिमाही में 7.2% रहने का अनुमान है।

ब्याज दरों में आगे बढ़ोतरी संभव

हालांकि, अर्थशास्त्रियों का कहना है कि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति अभी स्थिति पर नजर रखेगी। अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहीं और महंगाई बढ़ी, तो आने वाले समय में ब्याज दर बढ़ाई जा सकती है। फिलहाल रिजर्व बैंक महंगाई और आर्थिक वृद्धि दोनों को संतुलित रखने की कोशिश करेगा।

आरबीआई एमपीसी: कहां और कैसे देखें?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की द्वि-मासिक बैठक इस महीने 6 अप्रैल से 8 अप्रैल 2026 तक चलेगी। नीति का फैसला बुधवार, 8 अप्रैल को सुबह 10:00 बजे घोषित किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 12:00 बजे गवर्नर संजय मल्होत्रा प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

गवर्नर संजय मल्होत्रा का एमपीसी बयान आरबीआई के यूट्यूब चैनल पर 8 अप्रैल 2026 को सुबह 10:00 बजे लाइव प्रसारित किया जाएगा। आप उसी प्लेटफॉर्म पर उनका मीडिया संबोधन भी देख सकते हैं।

क्या रेपो रेट बढ़ेगा या रुकेगा?

अपूर्व जावड़ेकर (मुथूट फिनकॉर्प की मुख्य अर्थशास्त्री) के अनुसार, आरबीआई जीडीपी वृद्धि में संभावित गिरावट और वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रख सकता है। उनके मुताबिक, फरवरी 2026 में महंगाई दर 3.21% (कम) है, इसलिए आरबीआई के पास ‘वेट एंड वॉच’ वाली रणनीति अपनाने की गुंजाइश है।

उन्होंने कहा, “रेट में ठहराव से भारत में वास्तविक ब्याज दरें गिरेंगी, जो फिलहाल ऊंची हैं। इससे पूंजीगत व्यय (capex) और खपत (consumption) को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, आरबीआई रुपये को स्थिर करने के लिए रेपो रेट बढ़ाने का उपकरण इस्तेमाल नहीं करेगा।”

क्या ब्याज दरों में कटौती का दौर खत्म?

वहीं, यस बैंक ने अपनी रिपोर्ट ‘इकोलॉग’ में कहा है कि ब्याज दरों में कटौती का दौर खत्म हो चुका है। वजह यह है कि महंगाई बढ़ रही है, रुपये पर दबाव है और दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सतर्क हो गए हैं।

हालांकि, बैंक का कहना है कि फिलहाल रेट बढ़ोतरी भी तुरंत नहीं होगी, क्योंकि भारत कम महंगाई-उच्च वृद्धि वाली अच्छी स्थिति से इस संकट में प्रवेश कर रहा है। उनका अनुमान है कि सबसे खराब स्थिति में भी महंगाई 4.5-4.8% रहेगी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN