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Google, Apple सहित 18 अमेरिकी कंपनियों की जान हलक में, ईरान ने आज से दी है हमले की धमकी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में ईरान के कई शीर्ष नेता मारे जा चुके हैं, जिनमें सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और वरिष्ठ नेता अली लारीजानी भी शामिल हैं। इन घटनाओं के बाद ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंकाएं लगातार बढ़ रही हैं।

Iran War Updates: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच तनाव उस समय बढ़ गया जब ईरान की सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार को धमकी भरा बयान जारी करते हुए कहा कि यदि ईरानी नेताओं को लक्ष्य बनाकर उनकी हत्या की गई तो एक अप्रैल से अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाएगा। आईआरजीसी ने अपनी चेतावनी में कई दिग्गज कंपनियों को नाम लिए हैं। उनमें कई बड़ी वैश्विक कंपनियों का नाम लिया है, जिनमें माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एप्पल, इंटेल, आईबीएम, टेस्ला और बोइंग शामिल हैं। इसके अलावा मेटा प्लेटफॉर्म्स, ओरेकल, सिस्को, डेल टेक्नोलॉजीज और जेपी मॉर्गन चेस जैसी दिग्गज कंपनियों के नाम भी इनमें शामिल हैं।

आईआरजीसी ने कहा कि हर आतंकी कार्रवाई के बदले इन कंपनियों की इकाइयों को नष्ट किया जाएगा। साथ ही उसने इन कंपनियों के कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल तुरंत छोड़ने की चेतावनी भी दी है। यह धमकी तेहरान के समय के मुताबिक, एक अप्रैल शाम 8 बजे (भारतीय समयानुसार रात 10:30 बजे) से प्रभावी बताई गई है।

लिस्ट में एआई कंपनियों के भी नाम

इस बयान में आईआरजीसी ने विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों की भूमिका पर सवाल उठाया। उसने आरोप लगाया कि ये कंपनियां सैन्य अभियानों खासतौर पर ड्रोन और लक्ष्य चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस दौरान ईरानी फोर्स ने OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियों का भी नाम लिया।

ईरानी सैन्य अधिकारी की मौत

यह धमकी ऐसे समय आई है जब ईरान ने इस बात की पुष्टि की है कि उसके एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की हाल ही में अमेरिकी-इजरायली हमले में मौत हुई है। आईआरजीसी प्रमुख अहमद वैहिदी ने ब्रिगेडियर जनरल जमशिद एशाघी की मौत पर शोक व्यक्त किया है। एशाघी ईरान की सैन्य संरचना में अहम भूमिका निभाते थे और रक्षा बजट व वित्तीय मामलों के प्रमुख थे।

एशाघी की भी मौत

रिपोर्ट के अनुसार, एशाघी की मौत एक हवाई हमले में हुई, जिसमें उनके परिवार के सदस्य भी मारे गए। अमेरिका ने 2025 में उन पर प्रतिबंध लगाया था और आरोप लगाया था कि वे ईरानी तेल को चीन भेजने वाले एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े थे, जिससे प्राप्त धन का उपयोग क्षेत्रीय संगठनों जैसे हिज्बुल्लाह, हमास और हूती को समर्थन देने में किया जाता था।

गौरतलब है कि 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में ईरान के कई शीर्ष नेता मारे जा चुके हैं, जिनमें सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और वरिष्ठ नेता अली लारीजानी भी शामिल हैं। इन घटनाओं के बाद ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की आशंकाएं लगातार बढ़ रही हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN