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किरायेदारों के लिए जरूरी खबर! 31 मार्च तक नहीं किया ये काम तो होगा बड़ा नुकसान, जान लें नियम वरना पछताएंगे

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Source :- LIVE HINDUSTAN

2026 से ₹50,000 से ज्यादा मासिक किराया देने वाले किरायेदारों को सालाना किराए पर 2% TDS काटना अनिवार्य है। यह TDS आमतौर पर मार्च के भुगतान से काटा जाता है और 30 अप्रैल तक सरकार के पास जमा करना होता है। अगर किरायेदार यह नियम नहीं मानते, तो उन पर पेनाल्टी, ब्याज और इनकम टैक्स जांच का खतरा बढ़ जाता है। 

अगर आप हर महीने ₹50,000 से ज्यादा किराया देते हैं, तो 2026 से आपके लिए एक जरूरी टैक्स नियम लागू हो चुका है और इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। जी हां, क्योंकि अब आयकर अधिनियम के सेक्शन 194-IB (Section 194-IB of Income Tax Act) के तहत अब किरायेदार (tenant) को ही TDS काटने की जिम्मेदारी दी गई है। चकरा गए न? अब आप सोच रहे होंगे कि किरायेदार कैसे खुद अपना TDS काटेगा? तो आइए इसे जरा आसान भाषा में समझते हैं।

क्या है नया नियम?

नए नियम के तहत अगर आपका मासिक किराया ₹50,000 से ज्यादा है, तो आपको पूरे साल के किराए पर 2% TDS काटना होगा। खास बात ये है कि यह TDS आमतौर पर मार्च के किराए से एक साथ काटा जाता है और सरकार के पास जमा करना होता है।

मान लीजिए आप बेंगलुरु में ₹75,000 महीना किराया देते हैं, जिसका साल भर में कुल किराया ₹9,00,000 होता है। अब आपको इसका 2% यानी ₹18,000 TDS के रूप में काटना होगा, अगर यह पूरा पैसा मार्च में एक साथ कटेगा, तो किराया देने से आपका बजट बिगड़ सकता है। इसीलिए, आपको जनवरी से ही थोड़ा-थोड़ा पैसा अलग रखना चाहिए, जिससे मार्च में आपको कोई टेंशन न हो।

क्यों जरूरी है समय पर TDS काटना?

अगर आपने यह TDS नहीं काटा, तो परेशानी मकान मालिक की नहीं, आपकी होगी। ऐसा न करने पर आप इनकम टैक्स विभाग की नजर में आप डिफॉल्टर बन सकते हैं। आप पर पेनॉल्टी और ब्याज लग सकता है।

TDS काटने के बाद क्या करना होगा?

मार्च में TDS काटने के बाद 30 दिनों के अंदर (30 अप्रैल तक) इसे जमा करना होगा। इसके साथ ही Form 26QC भरना जरूरी है। फिर इसके बाद आपको मकान मालिक को Form 16C देना होगा।

सैलरीड लोगों के लिए क्या है चैलेंज?

ज्यादातर नौकरीपेशा लोगों के लिए सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि पूरे साल का TDS एक बार में एडजस्ट करना पड़ता है। इसलिए बेहतर है कि पहले से प्लानिंग करें और मकान मालिक को पहले ही बता दें। इसके अलावा मार्च में फाइनेंशियल दबाव से बचने के लिए सेविंग रखें।

अगर आप भी ₹50,000+ किराया देते हैं, तो लास्ट मिनट का इंतजार न करें, बल्कि हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा अलग रखें, ताकि मार्च में झटका न लगे। यह छोटा सा नियम आपको बड़ी परेशानी से बचा सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN